रकम न मिलने से नाराज लोग जाम लगाते हुए।
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बड़े नोटों पर पाबंदी के एक महीने से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी हालात सामान्य न होने पर लोगों का गुस्सा अब बढ़ने लगा है। तीन की बंदी के बाद खुले बैंक से नकदी न मिलने पर जिले के विभिन्न इलाकों में लोगों ने मंगलवार को सड़क जाम कर दी। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई जगहों पर अफसरों के पहुंचने के बाद ही लोग हटे। प्रशासनिक अफसरों ने नोट दिलाने का आश्वासन देकर जाम तो खाली करा दिया, मगर अब वह भी परेशान हैं कि आखिर अगले दिन नोट नहीं मिले तो क्या जवाब देंगे।
जगदीशपुर प्रतिनिधि के मुताबिक खोराबार इलाके के कुसम्ही बाजार चौराहे पर स्थित एसबीआई की शाखा पर मंगलवार की सुबह 7 बजे से रुपये निकालने वालों ने लाइन लगी थी। सवा तीन घंटे इंतजार करने के बाद 10.15 बजे तक जब बैंक नहीं खुला और शाखा पर नो कैश का नोटिस चस्पा कर दिया गया तो नाराज लोगों ने गोरखपुर-कसया रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर मौके पर जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र सिंह भी पहुंच गए और अगुवाई करने लगे। कुछ ही देर में सीओ कैंट अभय मिश्रा भी पहुंच गए। करीब एक बजे एसडीएम चौरीचौरा नलिनीकान्त सिंह पहुंचे और दोनों अफसरों ने समझा-बुझाकर कर रास्ता खाली कराया। करीब तीन घंटे तक आवागमन प्रभावित होने से दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई थी।
उधर, पीपीगंज प्रतिनिधि के मुताबिक में बैंक से भुगतान न मिलने पर नाराज लोगों ने सोनौली मार्ग जाम कर प्रदर्शन किया। सूचना पर पहुंचे कैंपियरगंज उपजिलाधिकारी की गाड़ी को लोगों ने घेरकर नारेबाजी भी की। करीब दो घंटे तक जाम की स्थिति रही। बैंक शाखा प्रबंधक की अपील पर एक पेट्रोल पंप द्वारा छह लाख रुपये जमा कराने के बाद लोगों को चार-चार हजार रुपये का भुगतान शुरू हुआ जिसके बाद मामला शांत हुआ।
खजनी प्रतिनिधि के मुताबिक इलाके के कई बैंकों पर लाइन में लगे लोगों ने भी कैश न मिलने पर जाम लगाया। बैंकों पर हंगामा हुआ। इसके बाद भी लोगों को बिना कैश ही लौटना पड़ा। कुछ ही बैंक से डेढ़ बजे दोपहर तक नकदी मिल सकी।