शहर को जाम से निजात के लिए प्रशासन की कोशिश एक बार फिर नाकाम रही और सुबह से लेकर रात तक सभी प्रमुख चौराहों पर जाम लगा रहा। गाडियां रेंगती हुई चलीं और दस मिनट का सफर घंटे भर में लोगों ने तय किया। बहुत सारे चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस भी मौजूद नहीं थी। आलम यह रहा कि जहां कभी जाम नहीं लगता था वहां भी घंटे जाम की वजह से लोगों को परेशान होना पड़ा। देर शाम भी शहर के प्रमुख चौराहों पर जाम लगा रहा। वहीं, देर रात नौसढ़ से टीपीनगर तक अवैध वसूली की वजह से जाम लग गया।
कमिश्नर पीगुरु प्रसाद ने यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए बनाया गया प्लान अधिकारियों की उदासीनता की वजह से कारगर साबित नहीं हो रहा है। सोमवारी जाम से निजात लोगों को मिलने की उम्मीद जगी थी लेकिन ऐसा हो नहीं सका। शहर के प्रमुख चौराहे टीपीनगर, रुस्तमपुर, छात्रसंघ चौराहा, यूनिवर्सिटी चौराहा, गणेश चौराहा, मोहद्दीपुर, असुरन, शास्त्री चौराहा, सिविल लाइंस तिराहा, कैंट चौराहा पर घंटों जाम लगा रहा। आलम यह रहा कि दस मिनट का सफर लोगों ने घंटों में तय किया। सबसे खराब स्थिति रुस्तमपुर और छात्रसंघ चौराहे की रही। यहां ट्रैफिक पुलिस का कोई भी सिपाही मौजूद नहीं रहा।
जाम की मुख्य वजह
सोमवार को जाम लगने की मुख्य वजह कमिश्नर पीगुरु प्रसाद द्वारा बनाए गए प्लान का अमन न होना रही। नौ एंट्री प्वाइंट पर लगे ट्रैफिक पुलिस के सिपाहियों द्वारा किसी भी भारी वाहनों को प्रवेश करने से नहीं रोका गया। जिसकी वजह से नौसढ़ से लगाए रुस्तमपुर तक धड़ल्ले से ट्रैक्टर से लेकर ट्रक चलते रही। मंडी गेट पर तैनात होमगार्ड भी जाम खुलवाने की जगह किनारे बैठे रहे।
रुस्तमपुर और छात्रसंघ पर घंटों जाम
रुस्तमपुर और छात्रसंघ पर घंटों जाम लगा रहा। यहां जाम की मुख्य वजह ट्रैफिक पुलिस का एक भी सिपाही का तैनात न होना था। जिसकी वजह से सड़कों पर गाड़ियां खड़ा करके लोग चले गए, जो जाम की मुख्य वजह बना रहा।