ईस्टर के पहले पड़ने वाले इतवार को मसीही समाज पाम संडे के तौर पर मनाता है। शहर के सभी गिरजाघरों में रविवार को पाम संडे मनाया गया। मसीही समाज के लोगों ने शहर के चर्चों में रविवार को विशेष प्रार्थना की। इससे पहले जुलूस भी निकाला गया।
सेंट मार्क्स चर्च पादरी बाजार, प्रेयर हाल राप्तीनगर, एचईम खजांची बाजार, सेंट थॉमस चर्च धर्मपुर, सेन्ट मार्टिन चर्च खरैया पोखरा, सेंट एंड्रयूज चर्च कौआबाग, सेंट एंथनी चर्च धर्मपुर, मसीही कलीसिया खरैया पोखरा आदि चर्चों से परंपरागत तरीके जुलूस निकाला गया, जो आसपास के मोहल्लों में घूमने के बाद वापस चर्चों में पहुंचकर समाप्त हुआ। इसके जरिए प्रभु यीशु मसीह के येरूशलम में प्रवेश पर चिंतन मनन किया गया एवं विश्व शांति के लिए प्रार्थना की गई।
सेंट जॉन स्कूल के प्ले प्रांगण से निकली जीवंत झांकी की लोगों में खूब चर्चा रही। इसमें आगे गधे के ऊपर बच्चे को बैठाकर पीछे मसीही जन कतार में हाथों में खजूर की डालियां लिए गीत ‘खजूर की डाली डालो अब डालो...’ गाते हुए सेंट जॉन चर्च चल रहे थे। बशारतपुर पहुंचने पर पुरोहित रेव्हरन संजय विन्सेंट ने मसीही जनों को बाइबिल के लुका के पद पढ़कर उनके भेद समझाए।
क्राइस्ट चर्च शास्त्री चौक में रेव्हरन डीकेन डीआर लाल के नेतृत्व में जलूस निकाला गया। इसके बाद पवित्र शास्त्र बाइबिल का पाठ किया गया। नई दिल्ली से आए पास्टर विन्सेंट बेंजामिन ने पाम संडे पर प्रकाश डालते हुए बताया आज के ही दिन प्रभु यीशु मसीह ने येरूशलम में प्रवेश किया था। वहां उन्होंने मंदिर की व्यवस्था को सुधारने का प्रयत्न किया, जो याजकों को नागवार लगा और तुरंत उन्हें मार डालने की योजना बनाई।
संडे स्कूल के बच्चों ने गीत प्रस्तुत किया। सजी हुई खजूर की डालियों पर एक प्रतियोगिता भी हुई। इसमें जूनियर एवं सीनियर वर्ग के विजयी बच्चों को ट्रॉफ ी दी गई। पुरोहित डीआर लाल ने बताया की सोमवार से गुरुवार तक दुख भोग सप्ताह मनाया जाएगा। इसके तहत रोज शाम छह से आठ बजे तक विशेष प्रार्थना होगी।