श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ शनिवार को ऋतुराज वसंत का स्वागत हुआ। लोगों ने पीला वस्त्र धारण कर ज्ञान की देवी मां सरस्वती की आराधना की और आशीर्वाद बनाए रखने का आह्वान किया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी समेत शहर के कई शैक्षणिक संस्थानों में पूजा-अर्चना के साथ सांस्कृतिक आयोजन किए गए।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्राचीन इतिहास व संस्कृति विभाग में पूरे विधि-विधान से सरस्वती पूजन का आयोजन हुआ। पूजा में विभाग समेत यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के शिक्षकों की मौजूदगी रही। इस अवसर पर कुलपति प्रो. अशोक कुमार ने कहा कि विभाग में पिछले 34 वर्षों से अनवरत चल रहा यह आयोजन सभी के लिए प्रेरणा है। विभाग के डॉ. ध्यानेंद्र द्विवेदी ने बताया कि सरस्वती पूजन की शुरुआत 1982 में इतिहासविद् प्रो. विश्वंभर शरण पाठक ने की थी। उनकी मंशा थी कि ज्ञान की उपासना करें, क्योंकि यह उपास्य है। इस दौरान प्रो. मधु कुमार, प्रो. विपुला दुबे, प्रो. राजवंत राव, डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी, डॉ. सुधाकर लाल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
सरस्वती विद्या मंदिर आर्यनगर में जूनियर हाईस्कूल से लेकर महाविद्यालय तक के विद्यार्थियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि दी। पूजन का कार्य इंद्रजीत मिश्र व अवनींद्र पांडेय ने संपन्न कराया। इस दौरान रामदेव तुलस्यान, शिवजी सिंह, वेद प्रकाश अग्रवाल, गंगा सागर राय, जितेंद्र राय, सज्जन जालान आदि मौजूद रहे। नवल्स पीजी कॉलेज में भी इस अवसर सरस्वती पूजन का आयोजन किया गया। उधर घरों में लोगों ने पीत वस्त्र धारण किया और मां सरस्वती की आराधना की।
सुरों से संजाई मां सरस्वती की वंदना
शारदा संगीतालय, अलीनगर में वसंत पंचमी के अवसर पर विद्यार्थियों की ओर से शनिवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने सुर साध कर मां सरस्वती की आराधना की और वसंतोत्सव का स्वागत किया। विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत कि ए गए फागुन गीतों ने होली के नजदीक होने का अहसास कराया। सुबह 10 बजे सबसे पहले पूरे विधि-विधान से सरस्वती पूजन किया गया। पूजन के दौरान पीले वस्त्रों में मौजूद विद्यार्थी और शिक्षक वसंतोत्सव का माहौल प्रस्तुत कर रहे थे।
इसके बाद शुरू हुई सुर आराधना। इसमें प्रज्ञा मिश्रा, अमृता, ऐश्वर्या, सारिका, अनीता सिंह, अर्पणा त्रिपाठी, रागिनी श्रीवास्तव, रमा अग्रवाल, वीना अग्रवाल, रूपम, सुनीता मिश्रा, सरोज पांडेय, सुमित्रा ने अपने गीतों और भजनों से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लड्डू लाल यादव, पवन कुमार और विजय शंकर ने फागुन के गीतों से होली के आगमन का माहौल प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई। इस दौरान अबीर-गुलाल भी उड़े । कार्यक्रम के संयोजक लोक गायक राकेश श्रीवास्तव ने भी फागुन के गीतों के साथ सभी को वसंतोत्सव की बधाई दी। इस दौरान प्राचार्य मैनावती देवी, उज्ज्वल चौधरी, पीयूषकांत अलग, किशोर गुप्ता, गौरव मिश्र आदि मौजूद रहे।