गोरखपुर। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनाने में धांधली का आरोप लगाते हुए पार्षद बृजेंद्र अग्रहरी ने सोमवार को नगर निगम के जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में ताला जड़ दिया। तकरीबन एक घंटे तक विभाग के कर्मचारी कक्ष में बंद रहे। इससे अफरातफरी वाली स्थिति बन गई। मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी के आने के बाद पार्षद ने ताला खोला।
नगर निगम के जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में काफी संख्या में अनधिकृत लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। यहां तक कि नगर निगम परिसर में भी काफी संख्या में लोग प्रमाणपत्र बनवाने का ठेका लेते नजर आ जाते हैं। यह स्थिति तब है कि जब नगर निगम के सारे अधिकारी इस रास्ते से रोज गुजरते हैं।
कई बार शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। कार्रवाई न होने से नाराज बसंतपुर वार्ड के पार्षद बृजेंद्र अग्रहरि ने निगम के जन्म और मृत्यु विभाग में ताला जड़ दिया। इस दौरान न सिर्फ नगर निगम के कर्मचारी बल्कि कई बाहरी व्यक्ति भी कमरे में बंद हो गए।
बृजेंद्र अग्रहरि ने आरोप लगाया कि यह विभाग दलालों का अड्डा बन गया है। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए व्यक्ति को 10-15 दिन दौड़ाया जाता है, जबकि दलाल के जरिए इसे एक से दो दिन में बनाकर दे दिया जाता है। उन्होंने कहा कि मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने आश्वस्त किया है कि विभाग में किसी भी बाहरी व्यक्ति के पकड़े जाने पर कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पार्षद बृजेंद्र अग्रहरि ने जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र विभाग में ताला बंद कर दिया था। दरअसल पार्षद की ओर से एक प्रमाणपत्र बनाने के लिए दिया गया था, लेकिन फार्म और संलग्नक में कुछ भिन्नता के चलते प्रमाणपत्र नहीं बनाया जा सका। उसे दुरुस्त कर दिया गया था। हालांकि कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि कक्ष में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश न करने दिया जाए।
- सतीश कुमार सिंह, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी