परिवर्तन यात्रा के दौरान महानगर में हुई सभा में केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने सपा-बसपा पर जमकर हमला बोला। कहा कि दोनों पार्टियों ने प्रदेश को लूटने के अलावा कुछ नहीं किया। यदि प्रदेश फिर इनके हाथ में गया तो पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।
भीड़ की तरफ इशारा करते हुए शर्मा ने कहा कि प्रदेश की बदहाली के लिए हम-आप खुद जिम्मेदार हैं। जातिवाद, अगड़े-पिछड़े के नाम पर वोट लेकर 14 सालों से सपा और बसपा प्रदेश में शासन कर रही हैं। बावजूद इसके विकास की रफ्तार थम गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गायत्री प्रजापति सहित 17 मंत्रियों को भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर मंत्रिमंडल से हटाया, लेकिन फिर मुलायम की सिफारिश पर वापस ले लिया। अब वह कहते हैं कि मंत्री भ्रष्ट नहीं हैं। सवाल यह है कि जब भ्रष्ट नहीं थे तो निकाला क्यों। जब निकाला तो वापस क्यों लिया।
महेश शर्मा ने कहा कि कांशीराम ने मायावती को दलितों के भले के लिए मुख्यमंत्री बनाया, पर वह दलितों की जगह अपने मिशन में लग गईं। यही कारण है कि नोटबंदी के बाद मायावती और मुलायम सबसे अधिक परेशान दिखे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से मुखातिब होते हुए कहा कि सपा-बसपा की नजर उनके वोट पर है, जबकि प्रधानमंत्री ने जो भी योजनाएं शुरू की हैं, वह धर्म और जाति के नाम पर नहीं कीं। उज्ज्वला से लेकर जनधन योजना से अल्पसंख्यकों को काफी लाभ मिला है।
सांसद महंत आदित्यनाथ ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार विकास में बाधा उत्पन्न कर रही है। एम्स के लिए जमीन अब तक हस्तांतरित नहीं की गई। सात साल पहले शुरू हुआ महेसरा पुल अब तक नहीं पूरा हो सका। गोरखपुर-वाराणसी, गोरखपुर बाईपास का मुआवजा अब तक नहीं बांटा जा सका। इसी नाते अब तक इन सड़कों का कार्य नहीं शुरू हो पाया। केंद्र सरकार की परियोजनाओं के साथ ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मोदी के ढाई साल का शासन कांग्रेस के 60 साल पर भारी पड़ रहा है। राज्यसभा सदस्य शिवप्रताप शुक्ल ने कहा कि मायावती दलित की बेटी के नाम पर सियासत करती हैं, जबकि उनके बंगले की बांउड्री इतनी बड़ी है कि उसमें गोरखनाथ मंदिर परिसर भी समाहित हो जाएगा।
सभा के दौरान सांसद कमलेश पासवान, मेयर सत्या पांडेय, उपेंद्र दत्त शुक्ल, जनार्दन तिवारी, राहुल श्रीवास्तव, शीतल पांडेय, अंजू चौधरी, जवाहर कसौधन, सीताराम जायसवाल, राकेश द्विवेदी सहित आदि मौजूद थे।