मनरेगा में नाबालिग को श्रमिक के रूप में दिखा कर धांधली करने के मामले में विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण मनोज राय ने बांसगांव के बैदौली बाबू की ग्राम प्रधान रेनू सिंह ग्राम पंचायत अधिकारी शैलेश कुमार राय तकनीकी सहायक चौधरी इन्द्रसेन सिंह और मेठ मनोज कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर भ्रष्टाचार निवारण एजेंसी से विवेचना कराने का आदेश एसएसपी गोरखपुर को दिया है।
कोर्ट में उसी गांव के सामाजिक कार्यकर्ता वादी राजेश सिंह की ओर से मदन मोहन त्रिपाठी एडवोकेट का कथन था कि मनरेगा से गांव में कराए गए कार्यों की जांच हेतु धर्मपाल सिंह और दिवाकर सिंह ने सीडीओ से शिकायत की थी। जांच में श्रमिक राम सरन को नाबालिग पाया गया। साथ ही श्रमिक राम नरेश और राम सरन मनरेगा में काम करने की तिथि को इंटरमीडिएट की परीक्षा भी दिए हैं। कोर्ट ने इसे अनियमितता मानते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।