जिला अस्पताल में हड्डी के ऑपरेशन पूरी तरह से ठप हो गए हैं। वहीं जनरल सर्जरी में भी वेटिंग लिस्ट बढ़ती जा रही है। एक ओटी में मरम्मत तो दूसरे में डॉक्टर की कमी मरीजों की परेशानी बढ़ा रही है। जबकि एडी हेल्थ और सीएमओ को डॉक्टर के लिए पहले ही पत्र लिखा जा चुका है और मेडिकल कॉलेज के नेहरू अस्पताल मेें एक एनेस्थिसिया के डॉक्टर भी मौजूद है, जिसे अफसर चाहे तो भेज सकते हैं।
जिला अस्पताल में एनेस्थिसिया के एक ही डॉक्टर है। वह भी एसआईसी के पद है। प्रशासनिक काम बीच में छोड़कर ओटी में जाते हैं तो ऑपरेशन होता है। इससे प्रशासनिक काम प्रभावित होने लगता है। ऐसे में एसआईसी कुछ दिन ओटी तो कुछ दिन प्रशासनिक काम करके किसी तरह से मरीजों का ऑपरेशन करवा रहे हैं। ऑपरेशन न होने की वजह से वार्ड में दर्जनों मरीज एक-एक हफ्ते या इससे भी ज्यादा समय से अपने ऑपरेशन का इंतजार कर रहे हैं। कई तो डिस्चार्ज कराकर घर चले गए हैं और उनके तीमारदार आकर डेट मांगते हैं ताकि मर्ज का स्थायी निदान हो सके। उधर, आर्थो ओटी में मरम्मत का काम चलने की वजह से ऑपरेशन बंद है।
एनेस्थिसिया के डॉक्टर की कमी है। सीएमओ, एडी हेल्थ को पत्र लिखा जा चुका है। डॉक्टर की कमी के वजह से ऑपरेशन कम हो पा रहे हैं। मेरे द्वारा ऑपरेशन कराए जा रहे हैं। आर्थो ओटी में काम चल रहा है। जनरल ओटी में ही इन मरीजों का भी ऑपरेशन कराया जाएगा। मरीजों को परेशानी न हो इसके लिए एनेस्थिसिया डॉक्टर के लिए रिमाइंडर पत्र भी भेजा जा चुका है।
- डॉ. एचआर यादव, एसआईसी जिला अस्पताल