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जीडीए से फिर फाइल गायब, दर्ज होगी एफआईआर

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जीडीए से फिर फाइल गायब, दर्ज होगी एफआईआर
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गोरखपुर। उद्योगपति ओम प्रकाश जालान और कॉलोनाइजर अनिल त्रिपाठी को करीब दो दशक पहले देवरिया बाईपास पर आवंटित जमीन से जुड़ी एक और फाइल जीडीए से गायब हो गई है। मामले की जानकारी होने के बाद जीडीए में हड़कंप मच गया है।
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मामला प्रकाश में आने के बाद रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर तैयार की जा रही है। उम्मीद है कि शुक्रवार को इस मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो जाएगा। इसके पहले भी इस मामले से जुड़ी एक फाइल गायब हो चुकी है जिसपर प्राधिकरण ने खोराबार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। जीडीए की तरफ से उद्योगपति को ओम प्रकाश जालान 100 एकड़ और कॉलोनाइजर अनिल त्रिपाठी को 50 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी। आवंटन के काफ ी समय बाद तक कब्जा न मिलने पर वे कोर्ट चले गए थे। पहले उच्च न्यायालय, उसके बाद उच्चतम न्यायालय में मामला पहुंचा। उच्चतम न्यायालय से जमीन रजिस्ट्री करने का आदेश भी दिया गया, लेकिन तकनीकी कारणों से जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो पाई। इसी बीच एनजीटी ने इस जमीन को वेट लैंड बताते हुए इसे वन विभाग को सिपुर्द करने का आदेश जारी कर दिया। इस मामले की सुनवाई एक बार फि र उच्च न्यायालय में की जा रही है। पक्ष रखने के लिए जब प्राधिकरण में संबंधित फाइलों की तलाश शुरू हुई तो पता चला कि एक फाइल गायब है। जीडीए उपाध्यक्ष ए. दिनेश कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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