जिले में चिकनगुनिया और डेंगू के मरीज बढ़ते ही जा रहे हैं। चिकनगुनिया के एक और मरीज को भर्ती कराया गया है, वहीं 9 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जिला अस्पताल में हुए एलाइजा टेस्ट में अब तक 153 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। 552 मरीजों के खून के सैंपल भी जांचें गए हैं। अस्पताल में अभी आठ डेंगू पीड़ित भर्ती है, जिनका उपचार चल रहा है।
सिकरीगंज के राहुल (25) को कई दिनों से बुखार और शरीर में दर्द की शिकायत थी। शहर से बाहर के एक प्राइवेट पैथोलॉजी में जांच के दौरान चिकनगुनिया की पुष्टि होने के बाद वह सीधे गोरखपुर अपने घर चला आया। शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचा, जिसके बाद डॉक्टर ने उसे भर्ती कर लिया। उसका ब्लड सैंपल जांच के लिए मेडिकल कॉलेज स्थित एनआईवी भेजा जाएगा। वहीं शहर के अन्य अस्पतालों से आए ब्लड सैंपल की जांच में 9 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
हटाए गए बड़हलगंज सीएचसी प्रभारी
गोरखपुर। बड़हलगंज में डेंगू मरीजों की संख्या बढ़ने और स्वास्थ्य महकमे की लापरवाही से नाराज सीएमओ ने सीएचसी प्रभारी को हटा दिया है। प्रभारी डॉ. बीके राय को बासूडिहा सीएचसी पर कार्यभार ग्रहण करने का आदेश दिया गया है। शुक्रवार को जांच के दौरान अस्पताल में सीएमओ को कई कमियां मिली थीं, जिसे तबादले से जोड़कर देखा जा रहा है। सीएचसी प्रभारी के अलावा घायल मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉ. एसएन सिंह का भी तबादला कर दिया गया है।
इंसेफेलाइटिस से तीन और मौतें
मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे के भीतर इंसेफेलाइटिस से पीड़ित तीन और मरीजों ने दम तोड़ दिया। जनवरी से अब तक इस बीमारी से 361 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 14 नए मरीजों को भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसके रोकथाम के लिए किए जा रहे सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। इसकी रिपोर्टिंग शासन स्तर तक की जा रही है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 90 मरीज भर्ती हैं। डॉक्टर मौतों की प्रमुख वजह वक्त पर इलाज न मिल पाना बता रहे हैं। उनकी मानें तो प्रारंभ में ही सरकारी अस्पतालों में उपचार मिल जाए तो कई की जान बचाई जा सकती है।
पिछले 24 घंटे में गोरखपुर, झंगहा की जाफरीन (14), महराजगंज, उसरहा की सायरा (8), कुशीनगर, पड़रौना के हैप्पी (1.5) की मौत हो गई। वहीं गोरखपुर, कुशीनगर के पांच-पांच, देवरिया के एक, सिद्धार्थनगर के तीन मरीज को भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस के 1400 मरीज आ चुके हैं।