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फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी पाने की कोशिश में रेल कर्मी का पुत्र गिरफ्तार

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फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी पाने की कोशिश में रेल कर्मी का पुत्र गिरफ्तार
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गोरखपुर। रेलवे विजिलेंस ने फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी पाने की कोशिश करने में रेलवे कर्मचारी के पुत्र नितेश कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार किया है। रेलवे अस्पताल में सत्यापन के दौरान ही प्रमाण पत्र पर शक हो गया था। जांच के दौरान इसकी पुष्टि हो गई। सूचना पर पहुंची विजिलेंस की टीम ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने विजिलेंस निरीक्षक नीरज कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर नितेश के अलावा दो लाख रुपये लेकर उसे नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत टीएमसी विकास मिश्रा पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में केस दर्ज किया है।
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थाने में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक जटेपुर रेलवे कॉलोनी निवासी नितेश कुमार श्रीवास्तव की मुलाकात विकास मिश्रा से हुई थी। विकास ने दो लाख रुपये में नौकरी दिलाने का वादा किया। उसने ओपीडी और जांच के सभी फर्जी प्रमाण पत्र भी बनवा दिए। भरोसा दिलाया कि सीधे मेडिकल होगा। परीक्षा नहीं देनी होगी। सब कुछ जानते हुए भी नितेश 28 अगस्त को जांच के लिए रेलवे अस्पताल पहुंच गया। वहां जांच के दौरान डॉक्टर को शक हो गया था जिसके बाद अगली तारीख नौ सितंबर दी गई। इस दौरान अस्पताल की ओर से कार्मिक विभाग को पत्र लिखा गया जिसके बाद विजिलेंस टीम जांच में लग गई। नितेश नौ को अस्पताल नहीं पहुंचा बल्कि मंगलवार को आया। इसी दौरान विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। विजिलेंस टीम के मुताबिक पूछताछ में उसने जालसाजी की बात कबूल कर ली। पुलिस अब रेलवे कर्मचारी विकास मिश्रा की तलाश कर रही है।
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