समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के हस्ताक्षर से जारी एमएलसी चुनाव में प्रत्याशी का अधिकार पत्र सपा के गले की फांस बन गया है। पत्र के नाते निर्वाचन आयोग में सीपी चंद सपा प्रत्याशी हैं, जबकि जयप्रकाश यादव निर्दल हो गए हैं। वहीं आयोग के विपरीत पहले समाजवादी पार्टी के जिला महासचिव, फिर जिलाध्यक्ष और अब प्रदेश महासचिव ने पत्र जारी कर जयप्रकाश यादव को अधिकृत प्रत्याशी बताया है। इसके अलावा सीपी चंद का समाजवादी लिखने पर भी सख्त एतराज जताया गया है।
गोरखपुर-महराजगंज स्थानीय निकाय एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के बीच हर रोज जंग तेज होती जा रही है। सपा के स्थानीय नेताओं से लेकर प्रदेश महासचिव तक ने पत्र जारी कर जयप्रकाश यादव को अधिकृत प्रत्याशी बताया है, जबकि सीपी चंद पहले ही कह चुके हैं कि वह मुख्यमंत्री के आदेश पर मैदान में हैं। पार्टी का अधिकार पत्र उन्हें मिला और वह ही आयोग में सपा के प्रत्याशी हैं। मुख्यमंत्री से बड़ा कोई नहीं है। उनके इस बयान के बाद सपा का जिला संगठन हमलावर हो गया। सपा नेताओं ने विज्ञापनों में उन्हें सपा प्रत्याशी के रूप में प्रचारित करने पर भी ऐतराज जताया। तमाम सपा नेता दबी जुबान से कह रहे हैं कि यह सब करामात पार्टी के बड़े नेताओं की है। इसी वजह से आम कार्यकर्ता परेशान है। यदि रामगोपाल यादव की तरफ से निर्वाचन आयोग को फार्म ए और बी में सीपी चंद का नाम नहीं जारी किया गया होता तो आज यह स्थिति न होती।
उधर, बृहस्पतिवार को सपा के प्रदेश महासचिव अरविंद सिंह गोप का एक पत्र जिला संगठन की तरफ से जारी किया गया। इसमें कहा गया है कि सपा के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव की अनुमति से अवगत कराया जाता है कि गोरखपुर-महराजगंज एमएलसी चुनाव में जयप्रकाश यादव ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी हैं। इसकी जानकारी सभी को दे दें। इस पत्र के बाद सपा नेता कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री का हवाला देकर ही चंद अपने को मैदान में मान रहे हैं, जबकि उन्हीं के निर्देश पर प्रदेश महासचिव अरविंद सिंह गोप ने जारी पत्र में यादव को अधिकृत प्रत्याशी बताया है।