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रोते-बिलखते थाने पहुंची वृद्धा, बोली- कमरे में बंद कर रोज पीटता है बेटा, खाने को भी नहीं देता

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कमली देवी। - फोटो : DEORIA
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देवरिया। समय- दोपहर 12:30 बजे। दिन- रविवार। 80 साल से ऊपर की एक वृद्धा लड़खड़ाते कदमों से सदर कोतवाली पहुंची और फर्श पर ही बैठने लगी। साथ आईं दो बेटियों ने उसे उठाने की कोशिश की, लेकिन उनके हाथ झटक वह फूट-फूट कर रोने लगी। पुलिस वालों ने प्यार के दो शब्द कहे तो दिल के दर्द जुबां पर आ गए। बोली, साहब! अब और नहीं सहा जाता। मार खा-खाकर थक चुकी हूं। ये दर्द कोई और दे तो सह भी लूं, लेकिन जिसे जिगर से लगाकर पाला आज वही लात-घूंसों से खबर लेता है। आए दिन कमरे में बंद कर मारता पीटता है। इससे तो अच्छा है कि भगवान अगले जनम मुझे बेटा ही न दें।
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दर्द भरी यह दास्तां है हनुमान मंदिर सीसी रोड के रहने वाली कमली देवी की। उसके पति भिखारी की सालों पहले मौत हो चुकी है। वह इकलौते बेटे गुड्डू के जुल्मों सितम से तंग आकर रविवार को कोतवाली पहुंची थी। कमली ने कहा कि अब तक वह यह सोच कर सब कुछ सहती रही कि बेटा आज नहीं तो कल सुधर जाएगा, लेकिन उसके रवैये में कोई बदलाव नहीं आया। अब इन बूढ़ी हड्डियों में और मार खाने की ताकत नहीं रही। बेटे के लात-घूंसे चलते तो शरीर पर हैं, लेकिन चोट दिल को लगती है। बस एक ही ख्याल आता है कि क्या इसी दिन के लिए बड़ा किया था। कल जिसे अपना पेट काट-काटकर पाला-पोसा था आज वह दो वक्त की रोटी भी नहीं देता। अब तो भगवान से यही मनाती हूं कि मौत दे दे, जिससे की इस दर्द से मुक्ति मिल जाए। कमली के साथ आईं उसकी दोनों बेटियों शांति और सावित्री ने बताया कि मां के साथ यह काफी दिनों से हो रहा है, लेकिन वह बेटे की हर कमी को छिपा लेती थी। जब बर्दाश्त से बाहर हो गया तो उन लोगों को खबर दी। सच्चाई पता चलने पर वे मां को कोतवाली ले आईं और शिकायत दर्ज करवाईं। उन्होंने बताया कि गुड्डू की पत्नी भी उसे मां को मारने पीटने से नहीं रोकती। कोतवाल यादवेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर मिली है। मारपीट करने वाले लड़के की तलाश कराई जा रही है।
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