सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए अब खंड शिक्षाधिकारी, बीआरसी भी खुद कोर्स की किताब पढ़ेंगे और उन्हें हर महीने एक टेस्ट देना होगा। इसके अलावा रोजाना इन्हें स्कूल की चेकिंग करनी होगी और एक कक्षा पढ़ानी होगी। चेकिंग की फोटो व्हाट्सएप पर बीएसए को भेजनी होगी। इस दौरान शिक्षकों के बगैर सूचना गैरहाजिर होने पर खंड शिक्षाधिकारी को जिम्मेदार माना जाएगा।
बता दें कि जुलाई में स्कूल खुलने पर बीएसए ने करीब दो दर्जन स्कूलों का निरीक्षण किया था। इस दौरान सभी स्कूलों में छात्रों की संख्या 10 फीसदी से भी कम पाई गई थी। वहीं बहुत सारे शिक्षक भी बिना सूचना के गैरहाजिर थे। पढ़ाई का स्तर बहुत ही खराब मिला। उन्होंने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी थी। शासन के निर्देश पर बीएसए ने पढ़ाई का माहौल सुधारने का खाका तैयार किया है। शनिवार को बैठक कर उन्होंने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी।
बीएसए ओपी यादव ने बताया कि अगर ब्लॉक के अंतर्गत शिक्षक नदारद मिलते हैं तो इसके लिए खंड शिक्षाधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। जिन स्कूलों में बच्चे पढ़ने नहीं आ रहे हैं, वहां के प्रधानाध्यापक और शिक्षक उनके घर जाकर अभिभावकों से मिलेंगे और स्कूल न आने की वजह जानेंगे।