बाइक, मोबाइल फोन की चोरी हो या लूट, या फिर साइबर अपराध, उसकी एफआईआर के लिए अब थाने जाने की जरूरत नहीं है। अब सीधे पुलिस के एप (यूपी कॉप) की मदद से घर बैठे संभव मामला दर्ज करा सकते हैं। एफआईआर की कॉपी के लिए भी थाने के चक्कर नहीं काटने होंगे।
उसके लिए भी सुविधा एप के जरिए दी गई है। यूपी में इस एप को लांच करने के लिए साथ ही आईजी जय नारायण सिंह ने जोन के सभी जिले के कप्तान को पत्र लिखकर इसके प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं।
केस दर्ज कराने के अलावा अक्सर सत्यापन के लिए भी लोग थाने में परेशान होते हैं। उससे निजात दिलाने के लिए सरकार ने पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित की है। एप की मदद से एफआईआर दर्ज कराने की सुविधा दी गई है।
कई बार दो थानों की सीमा होने पर भी दिक्कत सामने आती है। इस एप से सीमा विवाद से छुटकारा मिलेगा। एप की मदद से आप अपना थाना क्षेत्र भी जान सकेंगे।
ऐसे डाउनलोड करें एप
गूगल प्ले स्टोर से यूपी कॉप नाम से एप को डाउनलोड कर सकते हैं। उसके बाद उसमें अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर फीड कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। फिर अपनी आवश्यकता के अनुसार संबंधित अपराध या जानकारी का विकल्प चुनना होगा।
नामजद छोड़, हर मामला होगा दर्ज
एप की मदद से लूट, चोरी, मारपीट, भूमि विवाद सभी मामले दर्ज कराए जा सकेंगे। किसी को नामजद करने पर इस एप से एफआईआर दर्ज नहीं होगी। इसकी वजह है कि कोई किसी से आपसी रंजिश में केस न दर्ज करा सकें। ऐसे केस पुलिस जांच के बाद ही दर्ज करती है। हालांकि गुमशुदगी, साइबर अपराध आदि केस कर सकते हैं।
ये सुविधाएं मिलेंगी
एफआईआर दर्ज करा सकते हैं
दर्ज एफआईआर की कॉपी पाई जा सकती है
पुलिस थाने का लोकेशन और अपना थाना क्षेत्र जान सकते हैं
सड़क हादसे वाले जगह की जानकारी ली जा सकती है
बाइक या कार चोरी के बरामद होने की जानकारी मिल सकेगी
चरित्र, कर्मचारी, किराएदार का सत्यापन करा सकेंगे
प्रदर्शन, शादी या फिर अन्य किसी की अनुमति ले सकते हैं
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पा सकेंगे, गिरफ्तार आरोपी की भी होगी जानकारी
जोन में एप काम करने लगा है। सभी एसपी को आदेश दिया गया है कि वे इसकी नियमित मानीटरिंग करें और इसका प्रचार प्रसार भी कराएं। - जय नारायण सिंह, आईजी