वोटर कार्ड के लिए अब लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आयोग की तरफ से जिले को रंगीन वोटर कार्ड बनाने वाली मशीन मुहैया करा दी गई है। जल्द ही कुछ और भी मशीन मिलने की उम्मीद है। इसके बाद वोटर कार्ड बनवाने संबंधी सभी दिक्कतें दूर हो जाएंगी।
पहले वोटर कार्ड बनाने के लिए सभी तहसीलों में वेंडर तैनात किए गए थे। करीब डेढ़ साल वोटर कार्ड बनाने की व्यवस्था बदल दी गई और सूबे के सभी जिलों के वोटर कार्ड लखनऊ से बनने लगे। लोड अधिक होने की वजह से वोटर कार्ड बनने में दो से तीन महीने का समय लग जाता था। कार्ड बनने में देरी से परेशान हो रहे मतदाताओं को लेकर जिला प्रशासन ने आयोग से भी संपर्क किया था।
निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक जिले स्तर पर कार्ड बनने का काम शुरू हो गया है। कुछ दिनों से आयोग ने सर्वर बंद कर रखा है। जैसे ही सर्वर खुलेगा, फिर से कार्ड बनने लगेंगे। जिले में ही मशीन मिल जाने से नए वोटरों को काफी सहूलियत होगी।
कार्रवाई होते ही सक्रिय हो गए बीएलओ
जिले में तीन दिनों के भीतर 150 से अधिक बीएलओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने का असर साफ दिखाई पड़ने लगा है। पखवारे भर से सुस्त पड़े बीएलओ अचानक सक्रिय हो गए। जिनपर कार्रवाई हुई वे तो तेज हुए ही जो कार्रवाई की जद में थे, उन्होंने भी रफ्तार पकड़ ली है। लापरवाह बीएलओ तहसीलों और वहां से संबंधित क्षेत्रों में पहुंचने लगे हैं।
उधर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी व एडीएम (प्रशासन) लवकुश तिवारी ने बताया कि जिन भी बीएलओ पर कार्रवाई हुई, उन्हें कई बार चेताया गया था। चूंकि यह काम निर्वाचन आयोग से जुड़ा है लिहाजा में इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जा सकती। जो बीएलओ चेत गए हैं, उनके लिए ठीक है और अगर जो अभी भी लापरवाही क र रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई तय है।