गुरुवार को बैकरोड एसबीआई की मुख्य शाखा में रकम निकालने पहुंचे लोग।
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1000 और 500 रुपये के पुराने नोटों की बंदी के बाद उपजे हालात से निपटने के लिए अब कमिश्नर और लीड बैंक मैनेजर की ओर से रिजर्व बैंक को डिमांड भेजी गई। कुछ दिन पहले डीएम की ओर से भी 900 करोड़ रुपये की डिमांड आरबीआई को भेजी गई थी।
मंगलवार को कमिश्नर अनिल कुमार ने शहर के प्रमुख दस बैंकों के अधिकारियोें के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने करेंसी की दिक्कत की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों की बदहाल स्थिति के संबंध में समीक्षा की। बैंक अधिकारियों ने रिजर्व बैंक से काफी कम रकम मिलने की वजह से बैंकों और एटीएम की स्थिति में सुधार न होने की मुख्य वजह बताईं। बताया कि सोमवार के बाद रिजर्व बैंक से बैंकों को करेंसी नहीं मिली है। इसका सबसे खराब असर ग्रामीण क्षेत्र के बैंकों पर पड़ रहा है। सभी बैंकों ने अपनी-अपनी करेंसी की जरूरत के संबंध में कमिश्नर एवं लीड बैंक मैनेजर को जानकारी दी। इसके बाद बृहस्पतिवार को गोरखपुर जिले की जरूरत का आंकलन तैयार किया गया।
लीड बैंक के मैनेजर राजकुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान स्थिति से निपटने के लिए गोरखपुर को तकरीबन 2800 करोड़ रुपये की आवश्यकता का आंकलन किया गया है। इसके बाद बृहस्पतिवार को कमिश्नर अनिल कुमार की ओर से आरबीआई से 2800 करोड़ रुपये की डिमांड भेजी गई है। मेरी ओर से भी इस संबंध में आरबीआई को डिमांड भेजी गई है।