रेलवे ने रनिंग स्टाफ (लोको पायलट, गार्ड, फायरमैन आदि) के भत्ते में दोगुना की वृद्धि की है। यह बढ़ोतरी एक जुलाई 2017 से अथवा रेल सेवा (संशोधित वेतन) नियमावली 2016 में शामिल करने की तिथि से, जो बाद में हो उसी आधार पर लागू की जाएगी। पूर्वोत्तर रेलवे में करीब पांच हजार रनिंग स्टाफ को इससे फायदा होगा। औसतन उन्हें करीब आठ से 20 हजार रुपये तक का लाभ होगा।
यात्रा भत्ता को बढ़ाने के लिए रेलकर्मी लंबे समय से मांग कर रहे थे। रेलवे बोर्ड के अधिकारियों और मान्यता प्राप्त रेल यूनियन संगठनों के बीच वार्ता के बाद स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय के पास प्रस्ताव भेजा गया था। वित्त मंत्रालय ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस संबंध में रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक एनपी सिंह ने सभी रेलवे जोन के महाप्रबंधक को 28 मई 2019 को निर्देश जारी किए हैं। बढ़े भत्ते में किलोमीटरेज भत्ता (प्रति 100 किमी), एएलके भत्ता (प्रति 160 किमी), रनिंग रूम सुविधा के बदले भत्ता, शंटिंग ड्यूटी भत्ता, हाई स्पीड गाड़ियों में कार्यरत रनिंग स्टॉफ का ट्रिप भत्ता शामिल है।
4 से 5 हजार किमी करते हैं यात्रा
लोको पायलट या गार्ड एक महीने में औसतन 4 से 5 हजार किमी यात्रा करते हैं। मेल और एक्सप्रेस के लोको पायलट को अभी तक 272 रुपये प्रति 100 किमी यात्रा पर भत्ता मिलता था। अब बढ़कर 530 रुपये हो गया है।
संघर्ष की देन है बढ़ा भत्ता
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय ने बताया कि एनएफआईआर के राष्ट्रीय महामंत्री ने निर्णायक संघर्ष किया। बार-बार रेलवे बोर्ड के अधिकारियों पर दबाव बनाया गया। बढ़ा हुआ भत्ता संघर्ष की देन है। महामंत्री ने भत्ता बढ़ने पर हर्ष व्यक्त किया है।