समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कर दी। पार्टी छोड़कर दूसरे दलों में जाने वाले नेताओं दुबारा आने पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह दे दी गई, पर गोरखपुर मंडल के किसी नेता को उसमें जगह नहीं दी गई है। पिछली कार्यकारिणी में दो लोगों को पदाधिकारी बनाया गया था। इस बार किसी को जगह ही नहीं दी गई है। इससे साबित हो रहा है कि मंडल में कोई ऐसा नेता नहीं है कि उसे राष्ट्रीय फलक पर जगह मिल सके।
समाजवादी पार्टी की स्थिति गोरखपुर में कमजोर है उसका एम मात्र विधायक यहां से राजमति निषाद हैं। स्थानीय निकाय प्राधिकारी एमएलसी चुनाव में जब पूरे प्रदेश में सपा ने अपने जीत का झंडा गाड़ा तो समाजवादी पार्टी यहां पिट गई। वैसे जिला पंचायत चुनाव में पार्टी के खिलाफ बिगुल फूंकने वाले विधायक अब सपा का उम्मीदवार हो गए हैं। सपा से बागी हो चुनाव जीतने वाले एमएलसी सीपी चंद भी फिर अपने घर आ गए।
पार्टी नेताओं का दावा है अबकी बार पार्टी की स्थिति अन्य चुनावों की अपेक्षा अधिक मजबूत होगी। बावजूद इसके सपा मुखिया ने इसे तवज्जो नहंी दी। दूसरी तरफ देवरिया , कुशीनगर, और मजराजगंज में पार्टी बेहतर स्थिति में है। फिर भी वहां के नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह नहीं मिली।
स्व. मोहन सिंह पिछली कार्यकारिणी में राष्ट्रीय महासचिव देवरिया से ही थे। गोरखपुर के एक नेता को भी कार्यकारिणी में जगह दी गई थी। इस बार किसी को जगह नहीं मिली। वैसे यहां के तमाम नेता अपने को सपा मुखिया का करीबी बताते हुए थकते नहीं हैं। राज्यसभा और विधान परिषद में जगह यहां के नेताओं को नहीं मिला तो कोई बात नहीं। वे स्वयं भू राष्ट्रीय नेता राष्ट्रीय कार्यकारिणी में भी जगह नहीं पा सके। इससे लगता है कि उनकी बात में कोई दम नहीं है।
यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी है। इसमें मंडल के नेताओं को शामिल करने की बात संभव नही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का निणर्य है। वह सोच समझ कर लिये होंगे। इसमें देश भर के लोगों में से प्रमुख लोगों को शामिल किया जाता है।
- राजेंद्र चौधरी पार्टी प्रवक्ता