रेल बजट में पूर्वोत्तर रेलवे को 1333 करोड़ का बजट मिला है, जबकि पिछले साल 1140 करोड़ मिला था। 16 प्रतिशत अधिक बजट मिलने से परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। बजट उपलब्ध रहेगा तो काम भी तेज होगा। इससे सारी समस्याएं खत्म हो जाएंगी। इसका दीर्घकालिक परिणाम देखने को मिलेगा।
ये जानकारी पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव मिश्र ने दी। अपने सभागार में रेल बजट के बाद संवाददाताओं से बातचीत में उन्होेंने कहा कि पूर्वोत्तर रेलवे में लोको इलेक्ट्रिक शेड गोरखपुर में बनाने के लिए 65 करोड़ मिला है। छपरा से लखनऊ तक विद्युतीकरण अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि वाराणसी सिटी को सेटेलाइट स्टेशन बनाने के लिए 18 करोड़, लाल कुआं में कोचिंग डिपो के लिए 9 करोड़, बलिया में कोचिंग लाइन के लिए 10 करोड़ रुपये मिले हैं। सात नई लाइन बिछाने के लिए सर्वे, तीन लाइन बिछाने के कार्य, दो आमान परिवर्तन, तीन रेल दोहरीकरण, दो स्थानों पर तीसरी लाइन बिछाने और नौ रेलखंड पर विद्युतीकरण कार्य के लिए भी बजट मिला है।
इसके अलावा 36 रेलवे क्रासिंग पर पुल व सब-वे बनाए जाएंगे। इन सभी कार्यों से ट्रेन चलाने में मदद मिलेगी।