भारत से नेपाल भेजी जाने वाली फल, सब्जियों की जांच के लिए नेपाल में 12 नए केंद्र बनेंगे। जिससे जांच में आसानी रहेगी। बनने वाले इन केंद्रों पर फल सब्जियों के विषाक्तता जांच के अलावा कोरेंटाइन जांच भी होगी। सोनौली बॉर्डर से सटे बेलहिया एवं सिर्द्धानगर जिले के बढ़नी बॉर्डर से सटे कृष्णानगर में भी जांच केंद्र बनाया जाना प्रस्तावित है। बॉर्डर से सटे जांच केंद्र होने से समस्या काफी हद दूर हो जाएगी। क्योंकी जांच रिपोर्ट जल्दी मिल जाएगी।
यह जानकारी नेपाल के उद्योग मंत्रालय के प्रवक्ता मोहनकृष्ण महाजन ने बुधवार को पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि कि नौ जांच केंद्र भारत नेपाल के व्यापारिक प्रवेश स्थलों पर बनाए जाएंगे। दो जांच केंद्र नेपाल-चीन नाकों पर बनेंगे। जबकि एक जांच केंद्र राजधानी काठमांडू के त्रिभुवन हवाई अड्डा के पास बनेगा। जिसमें हवाई मार्ग से आने वाले कृषि उत्पादों की जांच की जाएगी। जांच उपकरण खरीदने के लिए करीब 10 करोड़ रुपये की मंजूरी नेपाल सरकार ने दी है। टेंडर भी जल्दी कराया जाएगा।
बताया जाता है कि कुछ माह पहले भारते से जाने वाली फल सब्जी की जांच को लेकर समस्या उत्पन्न हुई थी। उस वक्त सोनौली सीमा पर बड़ी संख्या ट्रक कई दिनों तक खड़े रहे। तमाम ट्रक वापस लौट गए थे। लेकिन नेपाल सरकार ने जांच के बाद फल सब्जी को भेजने की अनुमति दी। लेकिन जांच काठमांडू में होने से वक्त लगता था। इसे लेकर व्यापारियों एवं ट्रक चालकों को परेशानी होती है।
माना जा रहा है कि नेपाल सरकार द्वारा नए जांच केंद्र बनवाए जाने से भारत से सब्जियों व फलों की आपूर्ति में आसानी होगी।
ट्रक चालक हरेंद्र सिंह कहते हैं कि सब्जी लेकर नेपाल जाने में जांच के लिए परेशानी होती है। अगर नेपाल सरकार सरहद के पास ही जांच की व्यवस्था कर रही है तो समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाएगा।