बाढ़ से बचाव के लिए सिंचाई विभाग की तरफ से कई परियोजनाओं का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जिले की 15 महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए लगभग 42 करोड़ की धनराशि भी शासन से स्वीकृत की गई। बावजूद इसके किसी परियोजना पर एक रुपये की धनराशि अभी तक रिलीज नहीं की गई। जबकि नेपाल की तीन परियोजनाओं के लिए मात्र 91 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं। इससे बचाव के मामूली कार्य हो सकेंगे। यदि बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी तो कई स्थानों पर तटबंधों को बचाना मुश्किल होगा।
नेपाल में बने ए गैप और बी गैप के तटबंध गंडक नदी पर बाढ़ से बचाव के लिए बनाए गए हैं। यदि वहां पर तटबंध टूटेगा तो उसका असर सर्वाधिक भारत के गांवों पर पड़ेगा। महराजगंज और कुशीनगर जनपद सर्वाधिक प्रभावित होंगे। गंडक नदी पर बने तटबंध के रख रखाव की जिम्मेदारी भारत सरकार की होती है। उस पर कार्य कराने के लिए धन केंद्र सरकार की तरफ से दिया जाता है पर कार्य गंडक जोन के महराजगंज डिविजन से कराया जाता है। नेपाल के लिए कई परियोजनाओं का प्रस्ताव भेजा गया था पर तीन परियोजनाओं के लिए 91 लाख रुपये मिले हैं।
इस धन से पुनरस्थापना का कार्य हो सकेगा। बांध के किनारे कटान स्थल पर स्पर , परकोपाइन का कार्य कराया जाएगा। जिन परियोजना के लिए धन मिला है उसमें से एक परियोजना पर 55 लाख, दूसरी पर 21 और तीसरी पर 15 लाख रुपये अवमुक्त किए गए हैं।
- जो धन मिला है, उससे इस समय कार्य नहीं कराया जाएगा क्योंकि बाढ़ का समय है और इस समय कार्य कराने से धन बर्बाद हो जाएगा। इस वजह से अब कोई भी काम बाढ़ के बाद ही कराया जाएगा। 91 लाख रुपये नेपाल की तीन परियोजनाओं के लिए मिला है।
आरडी यादव, अधीक्षण अभियंता