पूर्वांचल में पांव पसारने की कोशिश में नक्सली
- 2010 में गोरखपुर से पकड़ी गई थी नक्सली लीडर हिरामन
- देवरिया के 26 और कुशीनगर के एक गांव में मिले थे नक्सली गतिविधियां के प्रमाण
- इंटेलिजेंस एजेंसी की रिपोर्ट के बाद हरकत में आई पुलिस, नेपाल, बिहार सीमा पर विशेष सतर्कता
शिवम सिंह
गोरखपुर। पूर्वांचल में नक्सलियों के शरण और सक्रिय होने की आशंका एक बार फिर बढ़ गई है। ताजा मामला देवरिया की एक दंपती के मध्य प्रदेश में नक्सलियों से साठगांठ के संकेत में पकड़े जाने का भले हो मगर इसके पहले भी गोरखपुर इलाके में इस तरह की गतिविधियों के प्रमाण मिल चुके हैं। आईजी जय नारायण सिंह के आदेश पर अब पुलिस भी हरकत में आ गई है। आईजी ने गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज के पुलिस अधीक्षकों को पत्र जारी कर अलर्ट रहने को कहा है। इसके अलावा विभागीय खुफिया एजेंसियों को भी सक्रिय कर दिया गया है। खासतौर पर किराए पर रहने वाले लोगों के सत्यापन का आदेश आईजी ने दिया है।
पूर्वांचल खास तौर पर गोरखपुर में सबसे पुख्ता प्रमाण तो फरवरी 2010 में महिला नक्सली लीडर हिरामन की यहां से गिरफ्तारी है। इसके अलावा इंटेलिजेंस एजेंसी ने 2009 में ही देवरिया के 26 गांवों में और कुशीनगर के एक गांव में नक्सली गतिविधियों के प्रमाण राज्य और केंद्र सरकार को दे दिए थे। इसके बाद इन इलाकों में पुलिस ने सक्रियता फैलाकर इनके जाल को तोड़े थे मगर कहीं कोई नक्सली हाथ नहीं लग सका था। पूर्वांचल में देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बलिया, गाजीपुर की सीमाएं भी बिहार के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से सटी हुई हैं। यही वजह है इन जिलों में नक्सली शरण लेने के बहाने आते हैं और फिर अपनी जड़े फैैलाने लगते हैं।
....
मई में भी जारी हुआ था अलर्ट
छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा पर हुए नक्सली हमले के बाद 28 मई को उत्तर प्रदेश के अधिसूचना विभाग की विशेष शाखा ने अलर्ट जारी किया था। पहले नक्सल प्रभावित जिलों चंदौली, गाजीपुर, सोनभद्र और मिर्जापुर में अलर्ट हुआ और बाद में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बलिया, मऊ और आजमगढ़ जिलों के पुलिस अधीक्षकों को भी सचेत रहने का अलर्ट हुआ था। तब भी यही आशंका जताई गई थी कि नक्सली प्रदेश के इन जिलों में प्रवेश कर शरण ले सकते हैं।
...
नारी मुक्ति मंच संगठन की गतिविधियों पर विशेष नजर
विभागीय सूत्रों के मुताबिक अलर्ट में नक्सली विचारधारा से प्रभावित नारी मुक्ति मंच का हवाला दिया गया है। यह संगठन महिला सदस्यों को नक्सली विचारधारा से जोड़ने का काम कर रही है। इस काम में उनकी मदद इलाके में फैली जातीय और आर्थिक भेदभाव उपजाऊ जमीन का काम कर रहा है। इंटेलिजेंस की माने तो गोरखपुर के आसपास के जिलों में भी कैडर भर्ती का काम चोरी छिपे, लेकिन तेजी से चल रहा है।
...
पुरानी घटनाओं का भी रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
मई में जारी अलर्ट में बलिया जिले में 18 नवंबर 2012 में फूलमती देवी की हत्या का जिक्र था। उसकी हत्या करने के बाद हत्यारे उसकी लाश के पास नक्सली आंदोलन के समर्थन वाले पर्चे छोड़े थे। इस वजह से पुलिस ऐसी हत्याओं के रिकॉर्ड भी खंगाल रही है जिसके बाद आंदोलन हुए और इसमें कोई बाहरी शामिल होकर आंदोलन को हवा दिया हो।
..
रेंज के सभी जिले के एसपी को अलर्ट रहने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा इंटेलिजेंस, गोपनीय विभाग को भी सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस को निर्देशित किया गया है कि वह आंदोलन की गतिविधियों पर नजर रखें और किराएदारों का सत्यापन भी करें, ताकि कोई बाहरी हो तो उसकी पूरी जानकारी पुलिस के पास हो।
जय नारायण सिंह, आईजी, गोरखपुर रेंज