आठ दिन के इस नवरात्र में मां दुर्गा भक्तों के लिए नाव पर सवार होकर पधार रही हैं और हाथी पर विदा होंगी। द्वितीया युक्त प्रतिपदा से व्रत की शुरुआत होने से इसे काफी शुभदायक माना जा रहा है। मां का आगमन और उनकी विदाई का भी महात्म्य होता है।
ज्योतिषीय गणनाओं में नवरात्रि में माता के आगमन एवं विदाई की सवारी का अपना महात्म्य है। ज्योतिषाचार्य पंडित शरद चंद मिश्र एवं ज्योतिषी पंडित घनश्याम पांडेय के अनुसार नवरात्रि पर माता का नाव पर सवार होकर आना सम फलदायी है। माता का नौका विहार आर्थिक संपन्नता के दृष्टिकोण से अच्छा होगा। ऐसे में श्रद्धापूर्वक माता का व्रत करने वाले लोगों के लिए यह नवरात्रि आर्थिक उन्नति का कारक बनेगी। पहला व्रत बुधवार को है।
बुधवार दिन का स्वामी बुध है। बुध व्यापार का भी स्वामी है। ऐसे में नवरात्रि व्यापारी वर्ग के लिए विशेष शुभदायक है। बुध और गुरु की शुभ स्थिति से पूरा साल बुद्धि, ज्ञान, तर्क, कर्तव्यनिष्ठा, वाणिज्य व्यवसाय, धर्म-कर्म इत्यादि के वृद्धि का कारक साबित होगा। सूर्य की स्थिति प्रचुर अन्नोत्पादन की ओर इशारा कर रही है। हालांकि, हाथी पर सवार होकर माता का जाना थोड़ी सामाजिक अराजकता को जन्म दे सकता है। पंडित शरद चंद मिश्र बताते हैं कि इस दुष्प्रभाव से बचने के लिए लोगों को नवरात्रि में माता की पूजा के साथ इंद्र आदि देवताओं की भी उपासना करनी चाहिए।