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हवन-पूजन के साथ हुई नवरात्र की पूर्णाहुति

Mon, 10 Oct 2016 08:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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राजघाट गायत्री शक्ति पीठ पर नवमी के अवसर पर हवन करते श्रद्धालु। - फोटो : rajesh
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शारदीय नवरात्र की अंतिम तिथि सोमवार कोे नवम माता सिद्धिदात्री की पूरे विधि-विधान के साथ पूजा की गई। इसी के साथ नवरात्र की पूर्णाहूति भी हो गई। इसे लेकर दिन भर शहर के विभिन्न पंडालों, देवी मंदिरों व घरों में हवन-पूजन के कार्यक्रम चलते रहे। 
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शहर के मशहूर प्रतिमा स्थल दुर्गाबाड़ी में मेले जैसा माहौल पूरे दिन बना रहा। लोग यहां आते रहे और मां शेरावाली के दरबार में मत्था टेक कर मंगलकामना करते रहे। बैरिकेडिंग होने से भीड़ होने के बावजूद दर्शन करने में किसी श्रद्धालु को कोई दिक्कत नहीं आई। स्टेशन रोड, कालीबाड़ी, दीवान बाजार, असुरन चौक, गोलघर, नसीराबाद, बसंतपुर, आजाद चौक, मोहद्दीपुर, मायाबाजार, घोष कंपनी, रेलवे लोकोशेड, अलीनगर, धर्मशाला, पंचपेड़वा गोरखनाथ स्थित माता मातेश्वरी सेवा दरबार आदि प्रतिमा पंडाल मेें भी दर्शन-पूजन के लिए लोगों की भीड़ देर रात तक उमड़ी रही। इन सभी स्थलों पर दुर्गोत्सव का चरम उत्साह देखा गया।

खासकर महिलाएं और बच्चे विशेष उत्साहित नजर आए। कूड़ाघाट, नसीराबाद, सिंहड़िया, मियां बाजार आदि स्थानों पर स्वचालित प्रतिमाओं के प्रति नौवें दिन भी आकर्षण बना रहा। बच्चे अपने अभिभावकों से जिद करके इन स्थानों पर पहुंचे और मां की चलती-फिरती प्रतिमा को देखकर हर्षित हुए। दुर्गा के नौ रूप में पूजी गईं कुंवारी कन्याएं शारदीय नवरात्र की महाष्टमी और महानवमी तिथि पर दुर्गा के नौ रूपों में आमंत्रित कुंवारी कन्याओं के पांव पखारे गए। मंदिरों और घरों में कलश स्थापन करने वाले परिवारों में सुबह से ही कन्या पूजन शुरू हो गया। दुर्गा के विविध रूपों में कहीं सात तो कहीं नौ कन्याओं की पूजा की गई। कालीबाड़ी में नौ कुंवारी कन्याओं का विधि विधान से पूजन किया गया। कन्याओं के पांव पखारे गए और फिर रोली, अक्षत चंदन से टीका लगाकर उनकी आरती उतारी गई। शृंगार की वस्तुओं के अलावा वस्त्र का दान किया गया। घरों में कन्याओं का पूजन करके उन्हें भोजन कराया गया। बारह साल से कम आयु की लड़कियों को मां का स्वरूप मानकर विधिविधान से पूजन कर दक्षिणा दी गई। गोरखनाथ मंदिर, काली मंदिर, बेतियाहाता हनुमान मंदिर सहित शहर के सभी छोटे-बड़े मंदिरों में विधिविधान से पूजन किया गया। 
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सुर-संगीत और नाटक की सजी महफिल सप्तमी से विभिन्न प्रतिमा स्थलों पर शुरू हुआ सांगीतिक कार्यक्रमों का सिलसिला नवमी को भी जारी रहा। दुर्गाबाड़ी में सोमवार की सुबह नौ बजे महानवमी पूजा के बाद शुरू हुआ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का क्रम। सबसे पहले वूगी-वूगी डांस कार्यक्रम में बच्चों ने अपनी नृत्य प्रतिभा की प्रस्तुति की। देर शाम रंगकर्म की महफिल सजी। रंगाश्रम संस्था की ओर से ‘भगवान की नरक यात्रा’ नाटक का मंचन किया गया। केसी सेन के निर्देशन में मंचित इस नाटक में पृथ्वी पर फैले अत्याचार की बानगी दिखाई गई। नाटक को जीवंत बनाने में अमित सिंह पटेल, दीपक त्रिपाठी, मनोज वर्मा, विवेक शुक्ला, रज्जब अंसारी, अखिलेश सिंह, आकाश राय, आदित्य सिंह की भूमिका रही। उधर, एनई रेलवे बालक इंटर कॉलेज में सोमवार को भी बच्चों के लिए प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। म्यूजिकल चेयर, पासिंग वेट और गायन प्रतियोगिता में बच्चों ने अपने हुनर का प्रदर्शन किया और पुरस्कृत हुए।
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