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नैक का मूल्यांकन तरीका बदलने से बढ़ीं कॉलेजों की मुश्किलें

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नैक का मूल्यांकन तरीका बदलने से बढ़ीं कॉलेजों की मुश्किलें
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गोरखपुर। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यापन परिषद (नैक) की ओर से मूल्यांकन का तरीका बदलने से कॉलेजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब विद्यार्थियों के फीडबैक पर 70 फीसदी मार्किंग होगी और 30 फीसदी मार्किंग निरीक्षण करने वाली टीम की रिपोर्ट पर मिलेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सात दिसंबर को सुबह 10 बजे गणित विभाग में एक कार्यशाला आयोजित की है, जिसमें सभी 29 अनुदानित व राजकीय कॉलेजों के प्राचार्य और उनके प्रतिनिधि शामिल होंगे। अब सभी कॉलेजों को नैक का मूल्यांकन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। इसे लेकर पूर्व में विश्वविद्यालय की ओर से सूचनाएं दी गई हैं। सिर्फ आठ कॉलेजों ने नैक का मूल्यांकन कराया है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन प्रभारी प्रो. सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि कार्यशाला का आयोजन विभाग के कमरा नंबर 122 में होगा। कॉलेजों के प्राचार्य और प्रतिनिधि को नैक मूल्यांकन कराने के लिए एसएसआर (सेल्फ स्टडी रिपोर्ट) तैयार करने के तरीके बताए जाएंगे। साथ ही मूल्यांकन के नियम और सावधानियां बताई जाएंगी। ताकि कॉलेजों को दिक्कत न हो।
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अब पक्ष में बोलने का दबाव नहीं बनेगा
पहले कॉलेज के प्रिंसिपल छात्रों को अपने पक्ष में बोलने की नसीहत नहीं देते थे। छात्र भी दबाव में आकर उनकी मर्जी से फीडबैक देते थे, लेकिन अब नई प्रक्रिया में छात्र अपनी मर्जी से जवाब दे पाएंगे। नैक मेल के जरिए छात्रों से सीधे सवाल पूछेगा। मूल्यांकन कराने वाले कॉलेजों को फोन नंबर व ईमेल आइडी देना हेगा। उन्हीं में से रैंडम कुछ छात्रों से शैक्षणिक व्यवस्था, संसाधन, पुस्तकालय, लैब और शिक्षक के बारे में जानकारी ली जाएगी। मसलन, कॉलेज में शिक्षक समय पर आते हैं कि नहीं, उनका व्यवहार कैसा है, शिक्षक पारंपरिक विधि से पढ़ाते हैं या फिर आधुनिक तरीका अपनाते हैं। इसके अलावा कॉलेज द्वारा छात्रों की सुविधा के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी भी जानकारी ली जाएगी।
सात ग्रेड्स पर मूल्यांकन
नए सिस्टम के तहत अब सात ग्रेड्स पर कॉलेजों का मूल्यांकन नैक की टीम करेगी। नैक की टॉप ग्रेड ए प्लस प्लस होगी। इसके अलावा संस्थानों को ए प्लस, ए, बी प्लस प्लस, बी प्लस, बी, सी या डी ग्रेड दिया जाएगा। डी ग्रेड मिलने पर कॉलेज अनाधिकृत होगा। उसे किसी तरह की फंडिंग नहीं होगी।
नैक ने डीवीएनपीजी का आवेदन स्वीकार किया
नैक के मूल्यांकन के लिए डीवीएनपीजी कॉलेज का आवेदन स्वीकार हो गया है। सात बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट एसएसआर तैयार कर भेजने के लिए 45 दिनों का समय कॉलेज को मिला है। कॉलेज की ओर से तैयारी को लेकर अलग-अलग प्रभारी भी नियुक्त कर दिए गए हैं।
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कॉलेज को पिछले मूल्यांकन में बी प्लस प्लस मिला था। अब तैयारी है कि ग्रेडिंग में सुधार हो जाए। प्राचार्य डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि फरवरी के पहले सप्ताह में नैक की टीम निरीक्षण करने आ सकती है। नैक मूल्यांकन को लेकर तैयारियां की जा रही है। डॉ. शशि प्रभा सिंह को नैक स्टेयरिंग प्रभारी तथा डॉ. राज शरण शाही को आईक्यूएसी प्रभारी बनाया गया है। इसके अलावा 27 शिक्षकों को भी दायित्व सौंपा गया है। प्राचार्य ने बताया कि सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण अब स्टूडेंट सैटिशफैक्शन सर्वे है।
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