नगर निगम आयुक्त बद्रीनाथ सिंह ने मंगलवार को डेढ़ वर्ष से ड्यूटी से गैरहाजिर चल रहे सफाई कर्मचारी को निलंबित कर दिया। इसके साथ ही हेल्थ सेक्शन के जिम्मेदार अफसरो से इस बाबत जवाब तबल किया है कि उन्हें इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई। यहीं नहीं, उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर मातहतों से स्पष्टीकरण भी मांगा है।
नगर निगम दफ्तर में मंगलवार को सफाई कर्मचारी अदालत अपनी बीवी और बच्चों को लेकर पहुंचा और सुपरवाइजर तथा क्लर्कों पर पैसे मांगने का आरोप लगाने लगा। अदालत ने बताया कि वह गोरखनाथ मंदिर के आसपास क्षेत्र में साफ-सफाई करता था, लेकिन डेढ़ वर्ष से बिना किसी नोटिस के उसे काम से निकाल दिया गया। उसे ड्यूटी ही नहीं करने दी जाती है। इसके चलते उसका और उसके परिवार का पालन पोषण करना मुश्किल होता जा रहा है। इस मामले में जब नगर निगम आयुक्त ने सुपरवाइजर से पूछताछ की तो मालूम हुआ है कि मुलाजिम ड्यूटी से गैरहाजिर रहता है। निगम आयुक्त ने अदालत से उसके पार्षद का नाम पूछा, लेकिन वह अपने वार्ड के पार्षद का नाम नहीं बता सका। ऐसे में नगर निगम आयुक्त ने हेल्थ सेक्शन को अदालत को निलंबित करने का आदेश दिया।