शहर मे समस्याएं बेशुमार हैं। कई योजनाएं अभी शुरू की जानी हैं, तो कई पहले स्वीकृत हो चुके हैं। लेकिन नगर निगम फंड होने के बावजूद इनका निर्माण कार्य नहीं करा सका है। वित्तीय वर्ष पूरा होने के बावजूद नगर निगम के पास करीब 50 करोड़ रुपये बच जाएंगे।
जनप्रिय विहार वार्ड में 19 लाख रुपये की लागत से सड़क और नाली का निर्माण होना है। कार्यकारिणी ने तकरीबन एक साल पहले इसके लिए स्वीकृति भी दे दी है। इसी वार्ड के हड़हवा फाटक मोहल्ले में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए तकरीबन 9.5 लाख रुपये की लागत से नाला निर्माण करना था। नगर आयुक्त ने अवस्थापना निधि से इन समस्याओं को दूर करने का आश्वासन दिया था। लेकिन निधि में फंड होने के बावजूद ये निर्माण कार्य नहीं कराए गए। शहर के कई इलाकों में ऐसी ही स्थिति है, लेकिन राज्य सरकार से मिलने वाले फंड में अभी 50 करोड़ रुपये होने के बावजूद निर्माण कार्य नहीं कराया गया। नगर निगम के लेखाधिकारी बृजेश सिंह ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में नगर निगम को राज्य सरकार से विभिन्न मद में तकरीबन 175 करोड़ रुपये मिले हैं। इनमें से अभी तकरीबन 50 करोड़ रुपये बचे हुए हैं।
यहां से नगर निगम को मिला है फंड
13वें वित्त आयोग से - 30 करोड़ रुपयेअवस्थापना निधि से- 5 करोड़यूआईडीएसएसएमटी- 10 करोड़ रुपयेअन्य से- 5 करोड़ रुपये