नगर निगम, जीडीए और पुलिस के अधिकारियों को बृहस्पतिवार को अतिक्रमण हटाने के लिए कई जगह विरोध का सामना करना पड़ा। एक जगह तो दुकानदार दरोगा से ही उलझ गया। अधिकारियों ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। वहीं सार्वजनिक स्थान पर चल रही शराब की दुकान को हटाने की बजाए जुर्माना लेकर छोड़ दिया गया। टीम ने 16 दुकानदारों का चालान किया और आठ हजार का जुर्माना वसूला।
बृहस्पतिवार की दोपहर एक बजे से गोलघर से अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू हुआ। टीम के आने से पहले ही अधिकांश ने अपना सामान हटा लिया था। काली मंदिर स्थित एक बिरयानी की दुकान पर जैसे ही टीम पहुंची दुकानदार नाराज हो गया। दुकानदार अपने को एक नेता का करीबी बताते हुए टीम पर ही हावी होने लगा। इसी दौरान टीम के साथ मौजूद दरोगा ने जब हस्तक्षेप किया तो वह उलझ गया।
आलम यह रहा कि दुकानदार ने यहां तक कह दिया कि आज हमारी सरकार नहीं है लेकिन आने वाले समय में सरकार होने पर देख लूंगा। इसके बाद दुकानदार ने चालान पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया। वहीं सीओ कैंट कार्यालय के बगल में चल रही शराब की दुकान को हटाने के समय एक बार फिर माहौल गर्म हो गया। टीम ने पांच हजार का जुर्माना वसूलकर 24 घंटे में दुकान हटाने का अल्टीमेटम दिया।
जीडीए सहायक अभियंता एसपी अरविंद ने दुकानदार को चेतावनी दी कि 24 घंटे में दुकान नहीं हटी तो सील कर दिया जाएगा। इसके बाद टीम आटो पार्ट्स की दुकान के सामने कब्जा हटाने पहुंची तो दुकानदार नाराज हो गए। दुकानदारों का आरोप था कि पहले टीम शराब की दुकान हटाए उसके बाद वह अतिक्रमण हटा लेंगे हालांकि टीम ने कबाड़ में खड़ी गाड़ियों को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद टीम रेलवे स्टेशन रोड पहुंची। यहां दुकानदारों ने पहले से ही अपना सामान हटा लिया था।