नगर निगम के लिए सर्विस टैक्स के 3.5 करोड़ रुपये वसूल करना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। इसमें सबसे ज्यादा बकाया शहर के दो दर्जन से ज्यादा सरकारी विभागों पर बनती है। बार-बार नोटिस के बाद भी इन विभागों पर कोई असर नहीं हुआ है। जीडीए, विकास भवन, मेडिकल कॉलेज और डीएम ऑफिस सहित कई विभागों के अलावा आम लोगों पर भी लाखों रुपये का टैक्स बकाया है। इसे वसूलने के लिए शुक्रवार को शहर के आठ स्थानों पर कैंप लगाए गए, मगर बकाएदारों पर इसका कुछ खास असर नहीं देखने को मिला।
नगर निगम लोगों से हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवरेज टैक्स के रूप में सर्विस टैक्स वसूलता है। मौजूदा समय में बकाएदारों पर यह रकम साढ़े तीन करोड़ रुपये पहुंच चुकी है। नगर निगम के कर विभाग ने टैक्स वसूलने के लिए सिद्धार्थपुर में मदरसा गेट, सूर्या विहार चौराहे के पास पुलिस चौकी पर, शास्त्री चौक पर काली माता मंदिर, विकास नगर में सतकार मैरिज हाउस, गीता वाटिका, निजामपुर चौराहा, जंगल तुलसी राम हनुमान मंदिर और जंगल शिवपुर में छाया मैरिज हाल में कैंप लगाए थे, यहां टैक्स इंस्पेक्टरों को भी बैठा दिया गया, परंतु कुछ खास सफलता नहीं मिली। मुख्य कर अधिकारी रवीश चंद्र के मुताबिक 31 मार्च से पहले तक टैक्स वसूलने का लक्ष्य बनाया गया है।
आज यहां लगेगा कैंप
नगर निगम टैक्स जमा करने के लिए शनिवार को अली नगर चौराहा पानी टंकी के पास, मानबेला झुग्गियां देश और रसूलपुर दशहरी बाग में हाजी इरफान के पुराने मकान में कैंप लगाएगा। इसके अलावा सिद्धार्थपुर में मदरसा गेट, गीता वाटिका, निजामपुर चौराहा, जंगल तुलसी राम हनुमान मंदिर और जंगल शिवपुर में छाया मैरिज हाल में भी कैंप लगेगा।