नगर निगम के नए सदन को जीडीए से हरी झंडी मिल गई है। दो साल से नए सदन का मानचित्र जीडीए की स्वीकृति के लिए फंसा हुआ था। नगर निगम बोर्ड की बैठक में सदन निर्माण में हो रही देरी पर अधिकारियों को किरकिरी भी हो चुकी है। जीडीए से मंजूरी मिलने के बाद नगर निगम अधिकारियों ने निर्माण कार्य की कवायद शुरू कर दी है।
नगर निगम परिसर में नगर निगम बोर्ड ने दो साल पहले खाली पड़ी स्टोर की जमीन पर नया सदन बनवाने का प्रस्ताव रखा था। बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद जीडीए से मानचित्र स्वीकृति होने में देरी के चलते नगर निगम अधिकारियों की किरकिरी हो रही थी। हालांकि बोर्ड में इस बात पर भी सहमति बनी थी कि जमीन का व्यावसायिक उपयोग भी किया जा सकता है, जिससे नगर निगम की आय भी बढ़ जाएगी।
36 हजार वर्ग फ ीट में प्रस्तावित सदन में दो बेसमेंट बनेंगे। भूतल, प्रथम और द्वितीय तल पर ऑफि स और व्यावसायिक प्रतिष्ठान होंगे। वहीं तृतीय तल का उपयोग कार्यालय के लिए होगा। इसके सभागार में 100 से अधिक पार्षदों, अफ सर और मीडियाकर्मियों के बैठने की जगह होगी। इसके निर्माण के लिए दो करोड़ का बजट आरक्षित किया जा चुका है। नगर निगम के मुख्य अभियंता एसके केसरी ने बताया कि जीडीए द्वारा मानचित्र स्वीकृति का सहमति पत्र मांगा गया है। टेंडर आमंत्रित कर जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जियाउल इस्लाम ने उठाया था मुद्दा
नगर निगम बोर्ड की बैठक में पार्षद जियाउल इस्लाम ने सदन निर्माण का मुद्दा उठाया था। उन्होंने बताया कि शहर की आबादी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में नए सदन का निर्माण बहुत जरूरी था। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बने सदन में सभी पार्षदों के बैठने की जगह नहीं है। ऐसे में सदन का निर्माण होने पर शहर का विकास हो सकेगा।
नगर निगम सदन के मानचित्र को लेकर कई तरह की परेशानियां थीं। शासन के दिशा-निर्देश पर मानचित्र को स्वीकृति दी गई है। नगर निगम से सहमति पत्र मांगा गया है।
- अवनींद्र सिंह, सहायक अभियंता, जीडीए