निर्माण कार्यों में भेदभाव से भड़के पार्षदों की नगर आयुक्त से नोंकझोंक हो गई। अभी हाल में शहर के विभिन्न इलाकों में तकरीबन 55 कामों के लिए नगर निगम द्वारा टेंडर निकाला गया। इसी टेंडर को लेकर पार्षदों में काफी नाराजगी थी। क्योंकि किसी वार्ड में 50 लाख रुपये के काम को स्वीकृति दी गई है तो किसी वार्ड में मात्र 80-90 हजार रुपये की। हालांकि नगर आयुक्त ने पक्षपात से इंकार करते हुए कहा कि पार्षद हैं वो, तो शिकायत करते ही रहेंगे।
बृहस्पतिवार को नगर निगम ने शहर के विभिन्न वार्डों में 55 कामों का टेंडर जारी किया गया। कामों के चयन में नगर निगम ने भेदभाव किया। वार्ड संख्या 18 में 50 लाख रुपये से ज्यादा का काम दे दिया गया, लेकिन वार्ड संख्या 56 छोटे काजीपुर, वार्ड संख्या 40 रुस्तमपुर समेत कुछ अन्य वार्डों में बहुत कम कामोें को स्वीकृति दी गई। इससे नाराज सपा पार्षद दल के नेता संजय सिंह के नेतृत्व में अमरनाथ यादव, अशोक यादव, कुद्दुस अली समेत कुछ अन्य पार्षद नगर आयुक्त के पास पहुंचे और विरोध जताने लगे।
संजय सिंह ने कहा कि कार्यकारिणी से स्वीकृत उनके वार्ड का एक काम करीब दो साल से मेयर के टेबल पर अटका हुआ है। कुछ पार्षदों के वरीयता के कामों को भी टेंडर में जगह नहीं दी गई है। ये सारे काम नगर आयुक्त स्तर पर ही तय होने हैं। इसके बावजूद इन्हें स्वीकृति नहीं दी गई। इस बात को लेकर पार्षदों ने जबरदस्त विरोध किया। हालांकि नगर आयुक्त के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन नगर आयुक्त ने कहा कि पार्षद हैं वो तो शिकायत ही करते रहेंगे।
कंबल और छिड़काव की भी शिकायत
संजय सिंह ने इस दौरान नगर निगम द्वारा दो किस्तों में 50-50 कंबल दिए जाने के प्रस्ताव और और बिना बताए छिड़काव बंद किए जाने का विरोध किया। कहा कि निगम को एक साथ 100 कंबल दिया जाना चाहिए। अन्यथा पार्षदों को बांटने में काफी परेशानी होगी। नगर आयुक्त ने जल्द इसे दूर करने का आश्वासन दिया।