पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौमे पैदाइश (बारावफ ात) के मौके पर शहर के तकरीबन 30 से ज्यादा मोहल्लों से पूरे शान-ओ-शौकत के साथ जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इस मौके पर मस्जिदों में फज्र की नमाज के बाद परचम कुशाई हुई। आकर्षक झांकियां और इस्लामी पैगामत से सजे बोर्ड-बैनर के जरिए रसूल की जिंदगी पर रौशनी डाली गई। कई मोहल्लों से निकले जुलूस में लोग तिरंगे लहराते हुए आतंक के खिलाफ सजाई गई झांकियों के साथ निकले तो माहौल देशप्रेम के रंग से नहा उठा।
मदरसा दारूल उलूम हुसैनिया दीवान बाजार की ओर से जुलूस-ए-मोहम्मदी पूरे शानो शौकत से हाजी सैयद तहव्वर हुसैन के नेतृत्व में निकाला गया। इस्लामिक परचम के साथ मदरसे के छात्र-छात्राओं के हाथों में झंडी व बैनर थे जिनपर इस्लाम धर्म की शिक्षाएं लिखी थीं। बच्चे नात-ए-पाक व इस्लामी नारों की सदाएं बुलंद करते हुए चल रहे थे। जुलूस दीवान बाजार, बक्शीपुर, अलीनगर, चरनलाल चौक, बेनीगंज, हरीश चौक, जाफ रा बाजार, घासीकटरा, खोखर टोला, नसीराबाद, चौरहिया गोला होते वापस मदरसा पहुंचकर समाप्त हो गया। दोपहर बाद मदरसे में मिलाद की महफि ल सजी। इसमें मुफ्ती अख्तर हुसैन, सूफ ी निसार अहमद, मौलाना मोहम्मद रियाजुद्दीन ने हजरत मोहम्मद साहब की जिंदगी पर रौशनी डाली।
उलेमा बोले कि नबी ने पूरी दुनिया को मानवता, एकता, भाईचारा, अमन का पैगाम दिया। मोहम्मद साहब की तालीमात व किरदार की ही देन है कि इस्लाम धर्म सिर्फ 23 साल की तब्लीग (प्रचार-प्रसार) से पूरी दुनिया में फैल गया। इस मौके पर नजरे आलम कादरी, मोहम्मद आजम, नवेद आलम, मौलाना फि रोज अहमद, हाफि ज रहमत अली, महमूद रजा, अली रजा मौजूद रहे। इसी क्रम में गाजी रौजा स्थित गाजी मस्जिद में परचम कुशाई मुफ्ती अख्तर हुसैन व पेश इमाम रेयाज अहमद ने की। इसके बाद शानदार जुलूस शमसुल हुदा के नेतृत्व में निकाला गया। वहीं खोखर टोला नौजवान कमेटी का जुलूस पूरे शान-ओ-शौकत से निकला।
छोटे काजीपुर स्थित मस्जिद गौसिया में परचम कुशाई पेश इमाम मौलान मोहम्मद अहमद के नेतृत्व में हुई। इस दौरान मोहम्मद उजैर खान, मखदूम हुसैन, मुल्ला, सिमू, अशफ ाक, फैसल, अब्दुल कादिर, नूर मोहम्मद शामिल रहे। मोहल्ला अस्करगंज दुपट्टा गली से नौजवान कमेटी की जानिब से जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया। इसका नेतृत्व मोहम्मद फैजान ने किया। रहमतनगर से अली बहादुर शाह कमेटी की जानिब से भव्य जुलूस निकला गया। इसका नेतृत्व बहादुरिया मस्जिद के पेश इमाम अली अहमद ने किया।
इसके अलावा घासीकटरा, इस्लामचक, इलाहीबाग, बहरामपुर, मियां बाजार, तुर्कमानपुर, छोटे काजीपुर, पहाड़पुर, बेनीगंज, जाफ रा बाजार, खुनीपुर, इस्माईलपुर सहित तमाम मुस्लिम बहुल मोहल्लों से जुलूस-ए-मोहम्मदी पूरी शानो शौकत के साथ निकाले गए। अल खिदमत सोसाइटी के ओर से गरीबों में कंबल बांटा गया।
मुए मुबारक की हुई जियारत
शहर के छोटे काजीपुर में पैंगबर साहब के पवित्र बाल की जियारत कराई गई। अतीकुर्रहमान, सैयद महबूब अहमद, सैयद मंजर हसन, सैयद आमान सहित तमाम लोगों ने मुए मुबारक की जियारत की। बड़े काजीपुर में मरहूम शाह मोहम्मद अबरारूल हक के मकान में बाल की जियारत व गुस्ल कराया गया। इस दौरान मौलाना अफ जल व नूरुल हुदा ने तकरीर की। बक्शीपुर थवई पुल के पास स्थित मकाम-ए-कदम रसूल पर भी अकीदतमंद की भीड़ लगी रही।