शहर के कूड़ा प्रबंधन के मामले नगर निगम को अब तक लाखों रुपये का नुकसान हो चुका है। एपीआर कंपनी सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के नाम पर करोड़ रुपये से ज्यादा ठग चुकी है। वहीं मुस्कान ज्योति 20 लाख रुपये से ज्यादा ऐंठ चुकी है। हालांकि एक तरह से देखा जाए तो मुस्कान ज्योति से करार करने के दौरान ही नगर निगम ने कई तरह की अनदेखी की है।
संस्था ने वेतन संबंधी जो स्ट्रक्चर नगर निगम को दिया था, उसके आधार पर संस्था की ओर से नियुक्त कर्मचारियों को ही नगर निगम अब तक 11 लाख रुपये दे चुका है। इसमें मुस्कान ज्योति संस्था के प्रोपराइटर को ही वेतन के मद में तकरीबन तीन लाख रुपये से ज्यादा दिए जा चुके हैं। साथ ही प्रोजेक्ट के विजिट के नाम पर ही प्रोपराइटर ने एक लाख रुपये तक लिए हैं। प्रोपराइटर मेवालाल का कहना है कि हमने जो भी वेतन लिया है वह निगम से करार के मुताबिक है। अन्य स्थानों पर तो हम एक्सपर्ट के तौर पर तीन लाख रुपये तक लेते हैं। वहीं नगर आयुक्त बीएन सिंह का कहना है कि संस्था ने निगम को कई मामलों में झांसे में रखा है। संस्था के खिलाफ शासन में रिपोर्ट की जा चुकी है।
कुछ यूं लिया वेतन
- प्रोजेक्ट मैनेजर विजिट- 1,00,000
- प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर- 2,09,999
- असिस्टेंट प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर- 25000
- एरिया सुपरवाइजर- 82,500
- कम्यूनिटी सुपरवाइजर- 2,58,960
- इसके अतिरिक्त कुछ अन्य मदों में भी रकम ली गई।