सेंट एंड्रयूज कालेज मे सौत नाटक का मंचन करते रंगकर्मी।
- फोटो : Shivharsh Dwivedi
मुंशी प्रेमचंद के गोरखपुर आगमन के 100 वर्ष पूरे होने पर हो रहे आयोजनों के क्रम में शनिवार को सेंट एंड्रयूज कॉलेज के उर्दू विभाग की ओर से कॉलेज परिसर में विविध आयोजनों का सिलसिला चला। इसकी शुरुआत प्रेमचंद पर दीवार पत्रिका के विमोचन के साथ हुई। उसके बाद मुंशी जी के जीवन पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई, जिसे देख कॉलेज के विद्यार्थियों ने उनके व्यक्तित्व का कृतित्व को विस्तार से जाना।
आयोजन का मुख्य आकर्षण भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) की ओर से मुंशी प्रेमचंद के मशहूर कहानी ‘सौत’ का मंचन था। डॉ. मुमताज खान द्वारा रुपांतरित और निर्देशित इस नाटक में नारी शक्ति का समर्पण देख दर्शक भावुक हो उठे। नाटक में रजिया नाम की एक महिला की संघर्ष और सामंजस्य गाथा दिखाई गई, जिसे पति से तिरस्कार मिला, बावजूद इसके उसने हार नहीं मानी। परिस्थितिवश पति को रजिया के सामने झुकना पड़ा लेकिन तब तक वह सब कुछ खो चुका था। नाटक को जीवंत बनाने में रीना श्रीवास्तव, सोनी निगम, प्रियंका अग्रहरी, एस रफत हुसैन, धर्मेंद्र दुबे, विनोद चंद्रेश, आसिफ सईद, शिवांग तिवारी की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
इस अवसर पर डॉ. प्रभा सिंह ने कहा कि प्रेमचंद ने कहानियों और उपन्यासों के माध्यम से सामाजिक जीवन की सच्चाई को उजागर किया। उनकी रचनाएं आज भी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। कार्यक्रम संयोजक डॉ. साजिद हुसैन अंसारी ने स्वागत भाषण के दौरान आयोजन का औचित्य बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रयास है आज के विद्यार्थियों को प्रेमचंद की उपयोगिता बताने का। कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के उप प्राचार्य सैमसन दन ने की। इस दौरान डॉ. सुशील राय, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. जेवियर मारिया राज, डॉ. रवींद्र आनंद, डॉ. संतोष यादव, डॉ. अनुराग तिवारी आदि मौजूद रहे।