समाचार पत्र वितरकों को मिलेगा मुद्रा लोन
गोरखपुर। अमर उजाला की पहल पर भारतीय स्टेट बैंक इंडिया (एसबीआई) शहर में पहली बार स्थानीय समाचार पत्र वितरकों के लिए विशेष मुद्रा लोन वितरण शिविर लगा रहा है। 27 जुलाई को बैंक रोड स्थित मुख्य शाखा में शिविर लगेगा। उद्घाटन एसबीआई के उपमहाप्रबंधक पीसी बरोड़ करेंगे।
कैंप 11 बजे सुबह से प्रारंभ होकर सायं तीन बजे तक चलेगा। इच्छुक समाचार पत्र वितरक इसके लिए 27 जुलाई सुबह दस बजे तक अमर उजाला प्रसार प्रबंधक सैय्यद असगर अब्बास रिजवी से संपर्क कर सकते हैं। अमर उजाला का मकसद पत्र वितरकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। साथ ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। उपमहाप्रबंधक ने कहा कि पत्र वितरकों को मुद्रा योजना के तहत लोन दिया जाएगा। इससे पत्र वितरकों की कारोबार में पूंजी की समस्या नहीं होगी और अधिक परिश्रम कर वे अपनी आर्थिक स्थिति और मजबूत कर सकेंगे। नकदी की समस्या से उबरने में मुद्रा योजना अन्य उद्यमियों की भांति पत्र वितरकों के लिए संजीवनी साबित होगा। खास बात होगी कि ऋण पाने के लिए उन्हें किसी तरह के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। यह लोन अन्य लोन की अपेक्षा कम ब्याज दर पर मिलता है। कैंप में बैंक अधिकारी इच्छुक समाचार पत्र वितरकों की जरूरत को समझेंगे और ऋण वापसी की क्षमता का आकलन करके उन्हें हाथों-हाथ ऋण स्वीकृत कर दिया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था में अमर उजाला हर तरह से सहयोग करेगा।
क्या है मुद्रा योजना
अपना कारोबार शुरू करने के लिए पूंजी की समस्या का सामना कर रहे हैं तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) से आप अपने सपने को साकार कर सकते हैं। केंद्र सरकार ने छोटे उद्यम शुरू करने के लिए अप्रैल 2015 में इस योजना की शुरुआत की है। आप प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 10 लाख रुपये तक के लोन के लिए आवेदन कर सकते हैं। केंद्र सरकार की मुद्रा योजना के दो उद्देश्य हैं। पहला, स्वरोजगार के लिए आसानी से लोन देना। दूसरा, छोटे उद्यमों के जरिए रोजगार का सृजन करना। मुद्रा योजना का पूरा नाम माइक्रो यूनिट डेवलपमेंट रीफ ाइनेंस एजेंसी है। मुद्रा योजना की खास बात यह है कि इसके तहत लोन लेने वाले चार लोगों में से तीन महिलाएं हैं।
:: बिना गारंटी मिलता है मुद्रा लोन
मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी के लोन मिलता है। इसके अलावा 50 हजार रुपये तक लोन के लिए कोई प्रोसेसिंग चार्ज भी नहीं लिया जाता है। मुद्रा योजना में लोन चुकाने की अवधि को 5 साल तक बढ़ाया जा सकता है। लोन लेने वाले को एक मुद्रा कार्ड मिलता है, जिसकी मदद से कारोबारी जरूरत पर आने वाला खर्च कर सकता है।
:: मुद्रा में तीन तरह के लोन
शिशु लोन: शिशु लोन के तहत 50,000 रुपये तक
किशोर लोन: किशोर कर्ज के तहत 50,000 से 5 लाख रुपये तक
तरुण लोन: तरुण कर्ज के तहत 5 लाख से 10 लाख रुपये तक
:: ब्याज दरें
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत कोई निश्चित ब्याज दर नहीं हैं। विभिन्न बैंक मुद्रा लोन के लिए अलग ब्याज दर ले सकते हैं। भारतीय स्टेट बैंक क्रेडिट गारंटेड फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल इंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) से कवर्ड अकाउंट पर 11.30 और बिना सीजीटीएमएसई के लिए 11.60 प्रतिशत ब्याज सालाना लेता है।