बृहस्पतिवार को आने वाले रेल बजट को लेकर नागरिकों के साथ ही
जनप्रतिनिधियों को भी कई उम्मीदें हैं। सांसदों ने रेल मंत्री से गोरखपुर
से दिल्ली के लिए दुरंतो जैसी ट्रेन, इलेक्ट्रिक लोको कारखाना, नई रेलवे
लाइन और स्टेशनों पर बेहतर सुविधाओं की मांग की है। हालांकि इससे इतर रेलवे
कर्मचारियों को रेल बजट से बहुत उम्मीदें नहीं हैं।
उनका कहना है कि
निजीकरण की ओर बढ़ रहा रेलवे स्टॉफ की सुविधाओं की अनदेखी कर व्यवस्थाएं
सही से लागू नहीं कर सकता। सबसे पहले सातवें वेतन आयोग की कमियों को सही कर
लागू करे। वहीं इलाज, शिक्षा, भत्ता आदि सुविधाएं भी यथावत लागू की जाए।
इसके अलावा सुरक्षित सफर के लिए ट्रेनों में अपराध रोकने को लेकर गंभीर पहल
की जरूरत है।
लोको इलेक्ट्रिक कारखाना व दुरंतो जैसी ट्रेन चाहिए
दिल्ली
के लिए नॉन स्टाप शताब्दी, दुरंतो जैसी ट्रेन, कोलकाता के लिए नई
एक्सप्रेस ट्रेन, राप्तीगंगा एक्सप्रेस को रोजाना चलाने और अयोध्या तक
इंटरसिटी जरूरी है। इसके अलावा लोको इलेक्ट्रिक कारखाना लगाने की भी मांग
की है। नंदानगर-कूड़ाघाट, हड़हवा फाटक, पीपीगंज, पिपराइच और कैंपियरगंज
क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज के अलावा पीपीगंज, कैंपियरगंज, मानीराम, सहजनवां,
पिपराइच तथा जंगल कौड़िया स्टेशनों पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव की मांग
की है। साथ ही पटरी व्यवसायियों के लिए रेलवे कहीं और व्यवस्था करे ताकि
स्टेशन साफ सुथरा दिखे।
- महंत आदित्यनाथ, सांसद, गोरखपुर सदर
वाया बढ़नी दिल्ली, मुंबई की ट्रेन मांगी है
बढ़नी
से गोंडा तक अमान परिवर्तन होने के बाद अब एक्सप्रेस ट्रेनें चलाने की
जरूरत है। लोगों को ट्रेन पकड़ने के लिए गोंडा या गोरखपुर जाना पड़ता है।
गोरखपुर वाया नौगढ़, बढ़नी, दिल्ली और मुंबई के लिए दो ट्रेनों की डिमांड
की है। इसके अलावा सुबह के शेड्यूल में लखनऊ के लिए एक इंटरसिटी भी मांगी
है। गोंडा से कपिलवस्तु वाया बांसी और बढ़नी से काठमांडू तक नई रेल लाइन
बिछाने का भी प्रस्ताव भेजा है। ये सभी मांगें बेहद जरूरी हैं। हमें उम्मीद
है कि रेल बजट में हमारे क्षेत्र के लोगों की सुविधाओं का ख्याल जरूर रखा
जाएगा।
- जगदंबिका पॉल, सांसद, डुमरियागंज
चौरीचौरा स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की मांग की
बांसगांव
संसदीय क्षेत्र में रेल परियोजना और यात्री सुविधाओं को लेकर रेल मंत्री
से मिला था और एक पत्र सौंपा है, जिसमें सहजनवां से लेकर दोहरीघाट तक
यातायात का साधन सिर्फ बस और छोटी गाड़ियां का जिक्र कर यहां रेलवे लाइन
बिछाने की मांग की है। गोरखपुर स्टेशन से एक राजधानी एक्सप्रेस चलनी चाहिए।
भले ही वाया गोरखपुर होकर दिल्ली से बिहार तक चले। राजधानी के साथ ही
गोरखपुर-वाराणसी इंटरसिटी और चौरीचौरा एक्सप्रेस का स्टॉपेज चौरीचौरा
स्टेशन पर करने तथा बरहजिया स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने की मांग की है।
- कमलेश पासवान, सांसद, बांसगांव
नई रेल लाइन व संत कबीर के नाम पर ट्रेन चले
सहजनवां
से दोहरीघाट और खलीलाबाद से श्रावस्ती वाया बांसी नई रेल लाइन बिछाने की
मांग की है। यह ऐसा इलाका है, जहां अभी तक रेल सुविधाएं नहीं है। इसके
अलावा मगहर से चुरेब स्टेशन तक सभी रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाने, खलीलाबाद
और मगहर स्टेशन को आदर्श स्टेशन बनाने, खलीलाबाद स्टेशन को जंक्शन बनाने,
दूसरे प्रवेश द्वार पर टिकट काउंटर और एस्केलेटर लगाने का प्रस्ताव भेजा
है। इसके अलावा संत कबीर के नाम पर दिल्ली के लिए ट्रेन और गोरखपुर से
दिल्ली तक राजधानी की तर्ज पर ट्रेन चलाने की मांग की है।
- शरद त्रिपाठी, सांसद, संतकबीरनगर