क्षेत्र के लोहरैया-कूरी मार्ग पर शुक्रवार की सुबह बारीडीहा गांव के समीप क्रेन की चपेट में आने से बाइक पर पीछे बैठी मां और उसके मासूम बेटे की मौत हो गई। जबकि बाइक चला रहे महिला के भाई और बड़े बेटे को मामूली चोटे आई। एक ही बाइक पर चारों लोग सवार थे और हेलमेट नहीं पहने थे।
घटना के बाद जुटे लोगों ने घायल मामा- भांजे को सीएचसी मलौली पहुंचाया। बाद में पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
गोरखपुर जिले के बेलघाट क्षेत्र के लखुआपाकड़ गांव निवासी 35 वर्षीय कमला पत्नी विजय मौर्या अपने पांच वर्षीय बेटे सोनू, आठ वर्षीय बेटे प्रियांश और 25 वर्षीय भाई अरविंद के साथ शुक्रवार की सुबह बाइक से मायके धनघटा क्षेत्र के घोरांग गांव जा रही थी। बाइक भाई अरविंद चला रहे थे। जबकि कमला दोनों बेटों के साथ पीछे बैठी हुई थी। जैसे ही लोग धनघटा क्षेत्र में लोहरैया- कूरी मार्ग पर बारीडीहा गांव के करीब पहुंचे ही थे। उसी दौरान बाइक अचानक बुझ गई।
बाइक को सड़क के किनारे खड़ी करके अरविंद चालू करने लगे और कमला अपने बेटे को गोद में लेकर खड़ी थी। उसी समय लोहरैया की तरफ से तेज गति के साथ गुजरी क्रेन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। सोनू को गोद में लिए कमला को क्रेन चपेट में लेते हुए कुछ दूर आगे निकल गई। जबकि अरविंद और प्रियांश को सिर्फ मामूली चोटे आई। मौके पर ही कमला और उसके मासूम बेटे सोनू की मौत हो गई।
क्रेन का पीछा करके गांव के लोग चालक समेत क्रेन को पकड़ लिया। जबकि मामूली रूप से घायल अरिवंद और प्रियांश को लोग सीएचसी मलौली पहुंचाएं,जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। इधर घटना की सूचना पर एसओ रणधीर कुमार मिश्र मौके पर पहुंच गए और मां-बेटे के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
पुलिस क्रेन व चालक को भी हिरासत में लेकर थाने भेजवा दिया। हादसे की सूचना मिलते ही लखुआपाकड़ व घोरांग गांव में कोहराम मच गया। एसओ ने बताया कि इस मामले क्रेन के चालक के खिलाफ केस दर्ज किया गया।