गोरखपुर के चौरी चौरा इलाके के सरैया चौराहे पर सरेराह किशोरी के पकड़े फाड़ने, छेड़खानी और उसके एक दिन पहले दुष्कर्म की घटना में थानेदार की जांच शुरू हो गई है। आरोप लगा था कि पुलिस ने कार्रवाई में देरी की जिस वजह से घटना कारित हुई।
पुलिस ने इस मामले में एसएसपी के आदेश पर सख्ती कर कार्रवाई कर आरोपितों को जेल भेज दिया था। सीओ चौरीचौरा को थानेदार की जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक 15 दिसंबर 2019 को थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली लड़की को गन्ने के खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और घटना का उलाहना देने गए पिता एवं लड़की के भाभी को मारा पीटा गया।
दोपहर में घटना की सूचना थाने पर देने जा रहे लड़की को उन्हीं दरिंदों द्वारा पुन: सरैया चौराहे पर सरेआम उस लड़की को ऑटो रिक्सा से खींच कर चाकू से कपड़ा फाड़ कर उसे अर्धनग्न कर दिया गया था। उलाहना देने पर लड़की के पिता और भाभी को चौराहे पर भी बुरी तरह से मार पीट कर लहू लुहान कर दिया गया था।
जिसमें सूचना पर तत्काल पहुंची पीआरबी पुलिस ने पिता पुत्र तीनों आरोपितों को पकड़ कर थाने पर सुपुर्द कर दिया था। लेकिन चौरी चौरा थाने पर 20 घंटे बाद एफआईआर दर्ज किया गया। सीओ चौरीचौरा रचना मिश्रा ने बताया कि एसपी के निर्देश पर घटना में अनियमितता में पुलिस के भूमिका की जांच की जा रही है।