गोरखपुर। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) परिसर में शुक्रवार को काफी संख्या में पुलिस तैनाती रही। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों को कुलपति कार्यालय के सामने धरना देने से रोक दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने मालवीय जी के प्रतिमा के सामने धरना देना शुरू कर दिया। इनके समर्थन में विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी कल्याण संघ के पदाधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हो गए। कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से विश्वविद्यालय में कामकाज ठप रहा।
शासन के निर्देश के बाद एमएमएमयूटी के बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट ने बृहस्पतिवार को गलत ढंग से नियुक्त किए गए समूह ग और घ के 35 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी है। इसके बाद से कर्मचारियों ने धरना देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को जब कर्मचारी विश्वविद्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन के लिए पहुंचे तो उन्हें बाहर ही रोक दिया गया। हालांकि बाद में उन्हें परिसर में प्रवेश की अनुमति दे दी गई, लेकिन पुलिस बल की सहायता से कुलपति कार्यालय के सामने धरना देने से रोक दिया। बाद में कर्मचारियों ने मालवीय जी की मूर्ति के सामने धरना देना शुरू कर दिया।
विश्वविद्यालय शिक्षणेत्तर कर्मचारी कल्याण संघ के अध्यक्ष समरजीत मिश्रा ने कहा कि इस मामले पर कुलपति को अपना पक्ष रखना चाहिए। क्योंकि बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट का यह फैसला पूरी तरह से कर्मचारियों के विरोध में है।
धरने के दौरान दुर्गेश कुमार यादव, श्याम प्रकाश यादव, प्रेमकिशोर मिश्रा, जयराम शर्मा, नागेंद्र सिंह, अमित कुमार पांडेय, विनय कुमार पांडेय, अर्चना पांडेय समेत अन्य कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारी सिद्देश्वर त्रिपाठी ने कहा कि इस मसले पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। संभवत: शनिवार को हाईकोर्ट में इस संबंधी वाद दायर कर दी जाएगी।