रेल को बांधकर रखने का पुराना नियम
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कृषक एक्सप्रेस (15007) के एसी फर्स्ट क्लास कोच के डी कूपे में सफर कर रहे नगर विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल की सीट पर चादर बिछी न मिलने की शिकायत विधायक ने रेलमंत्री, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन, एनईआर के जीएम और डीआरएम लखनऊ से की है। डीआरएम ने इस मुद्दे पर खेद प्रकट करने के साथ ही वरिष्ठ कोचिंग डिपो अधिकारी (सीडीओ) को कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं।
नगर विधायक 25 अगस्त की रात गोरखपुर से कृषक एक्सप्रेस में सवार हुए। उनकी सीट पर चादर बिछी नहीं मिली। उन्होंने ट्वीट कर शिकायत की कि फर्स्ट एसी में भी अब अटेंडेंट कोच बेड नहीं लगाते। ऐसा बार-बार हो रहा है। अगर नियम बदल गया है तो कृपया बताएं। इसे संज्ञान में लेते हुए डीआरएम लखनऊ ने असुविधा के लिए खेद जताया और विधायक से पीएनआर नंबर मांगा, ताकि संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जा सके। विधायक ने 26 अगस्त को शाम पांच बजे ब्यौरा भेज दिया। साथ ही शिकायत को गंभीरता से लेने पर आभार भी जताया।
मैं वीआईपी कल्चर नहीं अपनाता, लेकिन रेलवे ने जो व्यवस्था बनाई है उसका पालन होना चाहिए। कोच अटेंडेंट की जिम्मेदारी है कि वह कूपे में चादर रिसीव करे और उसे बिछाकर रखे। मैंने पूछा है, नियम बदल गया है तो बताया जाए। अगर एक्शन नहीं लिया गया तो मैं उपभोक्ता फोरम तक जाऊंगा।
- डॉ आरएमडी अग्रवाल, नगर विधायक