मतदान के एक दिन पहले सभी माइक्रोआब्जर्वर अपनी तैनाती वाले बूथों का निरीक्षण कर वहां की संवेदनशीलता जांचेंगे और उसकी रिपोर्ट सीधे प्रेक्षक को करेंगे। यही नहीं मतदान के दौरान भी बूथों पर होने वाली सभी गतिविधियों पर वे नजर रखेंगे और हर छोटी-बड़ी घटना की रिपोर्ट मतदान खत्म होने के बाद प्रेक्षक को देेंगे। मॉकपोल के दौरान भी उनकी मौजूदगी अनिवार्य रहेगी।
चुनाव में उनकी भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहेगी। इसी के मद्देनजर शुक्रवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के कला संकाय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी माइक्र ोआब्जर्वर को विस्तार से उनकी जिम्मेदारी बताई गई। ट्रेनिंग देते हुए अपर प्रभारी अधिकारी मतदान कार्मिक डॉ. विजयनाथ मिश्र ने बताया कि माइक्रोआब्जर्वर को मतदान के दिन देखना है कि पीठासीन अधिकारी द्वारा मतदान शुरू होने से पूर्व ईवीएम पर मतदान अभिकर्ताओं की उपस्थिति में मॉकपोल कराने के साथ ही उसे क्लीयर किया गया है या नहीं। वे यह भी जांचेंगे कि पीठासीन अधिकारी द्वारा उपस्थित मतदान अभिकर्ताओं को बैलट यूनिट और कंट्रोल यूनिट का नंबर नोट करने की सुविधा दी गई अथवा नहीं।
बताया कि पीठासीन अधिकारी द्वारा उसकी डायरी में समय-समय पर मतदान संचालन की गतिविधियों का अंकन किया जा रहा है कि नहीं यह जांचने की जिम्मेदारी भी माइक्रोआब्जर्वर की होगी। इस दौरान प्रशिक्षक व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डीडी त्रिपाठी, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी केएम सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी सुनील कुमार सिंह एवं जिला बचत अधिकारी बृजेश यादव ने माइक्र ोआब्जर्वर को जानकारी दी।