मेट्रो के लिए डीपीआर तैयार करने को सर्वे का काम तेजी पर है। विभिन्न सड़कों, चौराहों पर यातायात दबाव से लेकर यात्रियों की तलाश और सड़कों के किनारे पटरी की स्थिति का आकलन करने के लिए एक साथ करीब डेढ़ सौ सर्वेयर रोजाना शहर में विभिन्न स्थानों पर दस्तक दे रहे हैं। पिछले 10 दिनों में शहर की कई सड़कों, चौराहों पर यातायात दबाव जांचने के लिए सर्वे का काम पूरा भी कर लिया गया है। डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी राइट्स के अफसरों के मुताबिक महीने भर में सर्वे का काम पूरा हो जाएगा।
डीपीआर के लिए सर्वे का काम तब शुरू हुआ है जब शहर के सभी स्कूल बंद हैं। ज्यादातर कोचिंग भी बंद चल रहे हैं, मगर तीन जुलाई से सभी स्कूल, कोचिंग खुल जाएंगे और सड़कों पर यातायात का दबाव दोगुना हो जाएगा। तब तक कई और सड़कों, चौराहों पर यातायात को लेकर सर्वे का काम पूरा हो जाएगा। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि डीपीआर के लिए चल रहे सर्वे में यातायात दबाव का वास्तविक आकलन हो पाएगा या नहीं। राइटस को को-आर्डिनेट कर रहे जीडीए के अफसर भी इसे स्वीकार कर रहे हैं। ‘अमर उजाला’ से हुई बातचीत में जीडीए के सहायक अभियंता एसपी अरविंद का कहना है कि वे इस संबंध में राइट्स के अफसरों से चर्चा करेंगे।