मेट्रो ट्रेन के डिपो के लिए गुरुवार को राइट्स की टीम और अधिकारियों ने मेडिकल रोड और सोनौली मार्ग पर करीब दो घंटे तक सर्वे किया। यहां प्रस्तावित डिपो में मेट्रो के डिब्बे रखने के साथ ही वर्कशाप होगा। यहां मेकैनिकल यंत्र का काम भी होगा। इससे पहले टीम के प्रमुखों ने जीडीए दफ्तर में चीफ इंजीनियर के आफिस में बैठक की। इसमें जीडीए से शहर की व्यवस्था, नक्शे और अन्य डाटा लिया गया।
सर्वे टीम में लखनऊ मेट्रो के चीफ इंजीनियर रमेश कुमार, चीफ आर्किटेक रवि जैन, राइट्स के एस. सावंत, अमित कुमार, नीरज शर्मा तथा जीडीए के सहायक अभियंता एसपी अरविंद और आशीष कुमार शामिल थे। सभी ने खास तौर पर ट्रैफिक की जानकारी ली। जीडीए के सहायक अभियंता एसपी अरविंद ने मेट्रो के चीफ और राइट्स कंपनी को डाटा उपलब्ध कराया। इसके बाद टीम ने करीब दो घंटे तक मेडिकल और सोनौली मार्ग पर सर्वे किया।
इस दौरान टीम ने मेट्रो के लिए रास्ता सुगम बनाने और मुसाफिरों को परेशानी न हो, इसे लेकर काफी देर तक मंथन किया। इस पर भी विचार-विमर्श किया गया कि निर्माण के दौरान सामग्री लाने या काम कराने में दिक्कत न हो। जीडीए के सहायक अभियंता एसपी अरविंद ने बताया कि मेट्रो टीम को डाटा उपलब्ध करा दिया गया है। डिपो के लिए मेडिकल रोड या सोनौली मार्ग में से कोई एक जगह का चयन किया जाएगा।