सम्मेलन में मौजूद अभिभान, छात्र और शिक्षक।
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मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के आगमन पर पहली बार आयोजित अभिनंदन समारोह में छात्र, अभिभावक और शिक्षकों में सीधा संवाद हुआ। सभी ने अपने विचार साझा किए और अध्ययन व अध्यापन पर बल दिया। एनाटमी विभाग के एचओडी डॉ. रामजी सिंह ने कहा कि एमसीआई के मानक के अनुसार 75 प्रतिशत से कम की उपस्थिति होने पर विद्यार्थियों को परीक्षा में बैठने का अधिकार नहीं होता है। कहा कि यह उम्र करियर बनाने की है। सबसे पहले विद्यार्थी पढ़ाई पर ध्यान दें।
फिजियोलॉजी विभाग के प्रो. एबी अस्थाना ने कहा कि विद्यार्थियों को ज्यादा समय पढ़ाई में लगाना चाहिए। एसपीएम के डॉ. डीके श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को उनकी भलाई के लिए ही डांटते हैं। अभिभावकों को नसीहत देते हुए कहा कि आप बच्चों पर खुद नजर रखें। इससे पहले प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा और डॉ. पूर्णिमा ने समारोह में आए आगंतुकों स्वागत किया। संचालन डॉ. प्रियंका राय ने किया। इस अवसर पर डॉ. सत्य प्रकाश, एनाटमी विभाग के डॉ. योगेंद्र सिंह, डॉ. देवेश, डॉ. शैला आदि मौजूद थे।
100 विद्यार्थियों ने लिया प्रवेश
मेडिकल कालेज में एमबीबीएस वर्ष 2016 बैच में 100 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। कॉलेज के शिक्षकों ने अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि यहां रैगिंग नहीं होती। सीनियर विद्यार्थी अच्छे हैं और पढ़ाई का माहौल बढ़िया है।
कॉलेज में पर्याप्त शिक्षकों ने पढ़ाई का बेहतर माहौल बना रखा है। प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा।
-नागेंद्र कुमार, गोरखपुर
मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल काफी गंदा है। विद्यार्थियों के रहने तक की व्यवस्था अच्छी नहीं है। हॉस्टल में सफाई व्यवस्था ठीक न होने से संक्रमण का खतरा रहता है। यहां के किचन की भी हालत खस्ता है।
- शीतला मौर्या, भदोही