बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से हुई मासूमों की मौत की कुछ घंटों में जांच रिपोर्ट आ सकती है। मामला सुर्खियों में आया तो हादसे के पीछे ‘मैडम’ का नाम आया। प्राचार्य की पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला पर व्यवस्था खराब करने के आरोप लगे और वह निलंबित भी हुईं। अब इस हादसे के पीछे एक और ‘मैडम’ का नाम आ रहा है। बताया जा रहा है कि मेडिकल कॉलेज में हुए ऑक्सीजन संकट में इस मैडम की भूमिका भी कम नहीं।
यह मैडम ऑक्सीजन सप्लायर फर्म के मालिक की स्थानीय महिला मित्र बताई जा रही हैं। सूत्रों की माने तो यहां की सारी व्यवस्था में उनका पूरा हस्तक्षेप है। उनका फरमान फर्म के स्थानीय अधिकारी मालिक का आदेश मानते हैं। यह भी कहा जा रहा है कि ऑक्सीजन सप्लाई रोकने का कदम फर्म ने उनके सुझाव पर ही उठाया। डीएम ने अपनी जांच में फर्म को भी दोषी बताया था। घटना के बाद से फर्म के स्थानीय अधिकारी दीपांकर शर्मा अपना मोबाइल फोन बंद किए हुए हैं। इसलिए उक्त मैडम की बाबत ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। हालांकि, इस बात की चर्चा भी खूब है कि जिस तरह से पहली मैडम के चलते तत्कालीन प्राचार्य को निलंबन की कार्रवाई सहनी पड़ी, उसी तरह फर्म के मालिक मनीष भंडारी को दूसरी मैडम की दोस्ती भारी पड़नी तय है।