मेडिकल कॉलेज में पिछले महीने हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टरों की मुसीबत बढ़ती जा रही है। शासन ने हड़ताली डॉक्टरों पर कार्रवाई के लिए ट्रॉमा सेंटर का सीसीटीवी फुटेज मांगा है, ताकि हर गतिविधि की जांच की जा सके। मगर ट्रॉमा सेंटर के हर हिस्से में कैमरा नहीं होने से मेडिकल कॉलेज के लिए फुटेज भेजना ढेड़ी खीर बन गई है।
मालूम हो कि पीजी सीटों पर पीएमएस डॉक्टरों को वरीयता देने के विरोध में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे। कोर्ट की सख्ती के बाद जूनियर डॉक्टर हड़ताल से वापस लौटे थे। मगर तीन-चार दिनों तक चले हड़ताल की वजह से मरीजों के जान पर बन आई थी। इसे गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने हड़ताल पर गए सभी डॉक्टरों का नाम मांग लिया था। अब शासन ने सीसीटीवी फुटेज की मांग की है।
शासन की ओर से आए पत्र के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन परेशान हो गया है। इस मसले पर कोई भी अफसर बोलने को तैयार नहीं है। अब आधे-अधूरे फुटेज को ही भेजकर मामले को शांत करने की कोशिश की जा रही है। बता दें ट्रॉमा सेंटर दो हिस्सों में है। आर्थो और सर्जरी। इसमें से सर्जरी की ओर कैमरा नहीं लगा है, जिससे हर हिस्से का फुटेज भेज पाना संभव नहीं।
‘हर जगह पर कैमरा नहीं है। इस वजह से हर हिस्से का रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। शासन को इसका जवाब भेज दिया गया है।’
- डॉ. एके श्रीवास्तव, एसआईसी, मेडिकल कॉलेज