मेडिकल कॉलेज में बच्चा बदलने का आरोप लगाने वाली प्रसूता और उसकी सास को गुरुवार को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। आरोप है कि गुरुवार की सुबह सात बजे ही प्रसूता को जबरन डिस्चार्ज कर बाहर भेज दिया गया। इस बाबत उसने एसआईसी से मिलकर शिकायत भी की लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वे मेडिकल कॉलेज चौकी में तहरीर दे चली गईं।
बिहार के दुधौरा थाना लौकरिया की रहने वाली अंजली अपनी सास सरिता के साथ ट्रेन से घर जा रही थीं। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। इसके बाद उसे जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से रेफर किए जाने के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती र्हुइं। बुधवार को अंजली की नॉर्मल डिलीवरी हुई। इसके थोड़ी देर बाद प्रसूता अंजली और सास सरिता ने आरोप लगाया कि उसके नाती को बदल दिया गया है। किसी और की बच्ची उन्हें कपड़े में लपेट कर दे दी गई है।
वहीं गुरुवार को मेडिकल कॉलेज में किसी मामले में पहुंचे एसडीएम सिटी व एसपी सिटी से भी शिकायत की गई लेकिन सबने चुप्पी तान ली। इसके बाद घरवाले मेडिकल कॉलेज चौकी को तहरीर देकर वहां से चले गए।
अगर आरोप लगाने वाले लोग मेरे पास आए तो मैं मां, पिता और शिशु का डीएनए टेस्ट सरकारी खर्च से करा उन्हें न्याय दिलाने की कोशिश करूंगा। बच्चा बदला गया होगा तो इससे साफ हो जाएगा और संबंधित डॉक्टर समेत कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. राजीव मिश्रा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
गोद में बच्ची को दिया मां जैसा ही प्यार
अंजली ने गोद में रखी गई बच्ची को मां की तरह ही प्यार, स्नेह दिया। पूरी रात अपने बगल में बच्ची को लिटाई रही। बच्ची को अपना स्तनपान भी कराया। सुबह भी जब उसे डिस्चार्ज कर बाहर किया गया उस समय भी बच्ची को पूरे समय गोद में लेकर परिसर में घूमती रही। पूछने पर बताया कि इसमें बेचारी मासूम बच्ची की क्या गलती है। मेडिकल कॉलेज के लोगों ने मेरे साथ गलत किया है। अपने बच्चे की तलाश जारी रखूंगी और साथ में बच्ची का लालन पालन भी करूंगी। अंजली और उसकी सास सरिता का आरोप है कि उनको बच्चा होने की सूचना दी गई थी। इसके बाद घरवालों ने खुशी में वहां मौजूद लोगों की मांग पर मिठाई खाने के लिए 1000 रुपये भी दे दिए थे लेकिन थोड़ी देर बाद अंजली की गोद में एक बच्ची सौंप दी गई।