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महिला गर्भवती थी या नहीं, जांच करेगा मेडिकल बोर्ड

Sat, 18 Mar 2017 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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ज‌िला मह‌िला अस्‍पताल। - फोटो : Amar Ujala
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जिला महिला अस्पताल में बच्चा चोरी के मामले में हर रोज एक नया मोड़ सामने आ रहा है। मामले की तफ्तीश कर रही कोतवाली पुलिस ने संबंधित कागजों और मामले में नाम आ रहे सभी लोगों से पूछताछ की है। पुलिस अब पीड़ित महिला के गर्भवती होने की जांच कराएगी। इसके बाद साफ  हो सकेगा कि प्रसव हुआ भी था या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुलिस तफ्तीश आगे बढ़ाएगी। इस बाबत कोतवाली पुलिस ने एसआईसी जिला महिला अस्पताल को प्रसव जांच के लिए पत्र लिखा है। शनिवार को दो डॉक्टरों की टीम पीड़ित महिला की जांच करेंगी।
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झंगहा इलाके के मोतीराम अड्डा की शिवराजी पत्नी राजमन मौर्य ने आरोप लगाया था कि उनकी बहू पुष्पा का महिला अस्पताल में 10 मार्च को प्रसव होने के बाद पैदा हुए बच्चे को नर्स टीका लगवाने ले गई थी। थोड़ी देर बाद बच्चे के मौत की सूचना दी। इसके बाद शिवराजी ने बच्चा चोरी करने का आरोप लगाते हुए एसआईसी से लिखित शिकायत की थी। मामले के संबंध में पीड़ित पक्ष की तरफ से तहरीर पर कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान पता चला कि जिला महिला अस्पताल की दाई रजिया ही पीड़ित महिला को निजी पैथालॉजी ले गई थी। इसी आधार पर शुक्रवार को पुलिस महिला अस्पताल से दाई को पूछताछ के लिए साथ ले गई। इसके साथ ही पैथालॉजी सेंटर के संचालक व पीड़ित महिला को भी पहचान के लिए बुलाया। पहचान के दौरान ये तो साफ हो गया कि रजिया ही उसे अल्ट्रासाउंड के लिए निजी पैथालॉजी ले गई थी, लेकिन रजिया ने प्रसव कराया था इसे पीड़ित ने नकार दिया। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने गर्भ परीक्षण कराने के लिए एसआईसी को पत्र लिखा और एक महिला कांस्टेबल के साथ पीड़ित महिला के गर्भवती होने की जांच के लिए उसे महिला अस्पताल भेज दिया था। शनिवार को दो डॉक्टरों की टीम महिला का परीक्षण करेगी उसके बाद ही मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।
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फरवरी से ही नंबर नहीं हैं चालू
पीड़ित महिला जिस नंबर से फोन आने की बात बोल रही थी पुलिस ने उस नंबर को सर्विलांस पर डाला था। नंबर को ट्रेस किया गया तो पता चला कि वो नंबर एक फरवरी के बाद से यूज में ही नहीं है। उस नंबर से अंतिम बार फोन एक फरवरी को किया गया था। 
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