मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) ने मेडिकल कॉलेज की 100 सीटों पर मुहर लगा दी है। एमबीबीएस की 50 सीटों को लेकर पिछले साल एमसीआई ने आपत्ति जताई थी और नये सत्र से प्रवेश पर रोक लगाने की तैयारी में थी। मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने उन कमियों को दूर कर लिया जिस पर एमसीआई को आपत्ति थी। कमियों को दूर कर लेने के बाद एमसीआई टीम ने जांच रिपोर्ट में 100 सीट पर प्रवेश की अनुमति दे दी है। इस बात की जानकारी महानिदेशक ने प्रिंसिपल को फोन पर दी है।
करीब दो साल पहले मेडिकल कॉलेज की प्रस्ताव पर एमसीआई ने जब एमबीबीएस की सीटें 50 से 100 करने के लिए कॉलेज का दौरा किया तो कुछ कमियां सामने आईं। इनमें कई विभागों में प्रोफेसरों की कमी और लाइब्रेरी का दायरा कम होना, सीटी स्कैन, एमआरआई का न होना प्रमुख रहा।
बावजूद इसके सीटों को बढ़ाने की अनुमति इस शर्त पर दे दी गई कि इन कमियों को शीघ्र पूरा करा लिया जाएगा। इन कमियों की वर्तमान स्थिति का निरीक्षण करने के लिए पिछले साल आई एमसीआई की दो सदस्यीय टीम ने अपनी रिपोर्ट में 50 सीटों पर सहमति नहीं दी और नये सत्र से इन सीटों पर प्रवेश न लेने को कहा।
इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कमियों को दूर करने का प्रयास शुरू कर दिया गया। एमआरआई मशीन लग गई, सीटी स्कैन मशीन के लिए ऑर्डर भेज दिया गया और कुछ टीचर्स की कमियों को भी दूर कर लिया गया। बीते दिनों फिर से एमसीआई ने इसका भौतिक सत्यापन किया और अब अपनी रिपोर्ट में 100 सीटों पर मोहर लगा दी है।
एमबीबीएस की 100 सीटों पर एमसीआई की अनुमति मिल गई है। इस बात की जानकारी महानिदेशक स्वास्थ्य ने फोन पर दी। अभी एमसीआई की रिपोर्ट नहीं आई है।
प्रो. राजीव मिश्रा, प्राचार्य, मेडिकल कॉलेज